नई दिल्ली: जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल भारत के दौरे पर हैं। नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और जोहान वेडफुल के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई है। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे मुद्दे पर भी चर्चा हुई है जो मानवीय संवेदना से जुड़ा है। भारत पहले भी इस मुद्दे को उठा चुका है और यह मामला चार साल की भारतीय बच्ची अरिहा शाह से जुड़ा हुआ है।
एस जयशंकर ने क्या कहा?
जर्मन विदेश मंत्री के साथ हुई बातचीत को लेकर एस जयशंकर ने जानकारी देते हुए कहा, ''मैने अरिहा शाह का मुद्दा उठाया, जो एक भारतीय बच्ची है और कुछ समय से जर्मन अधिकारियों की देखरेख में है। मैने मंत्री को इस बात पर जोर दिया है कि उसके सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करना और उसे भारतीय परिवेश में पालन-पोषण देना जरूरी है। ऐसे में मामले को बिना देरी को सुलझाया जाना चाहिए।''
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
जयशंकर ने जर्मनी के अपने समकक्ष जोहान वेडफुल के साथ वार्ता के बाद कहा कि बैठक में अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, रक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत के साथ व्यापार को दोगुना करने संबंधी जर्मनी के लक्ष्य की सराहना करते हैं।’’ विदेश मंत्री ने निर्यात नियंत्रण के मुद्दों को सुलझाने के लिए भी जर्मनी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जर्मनी के साथ भारत के संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं और आगे बढ़ रहे हैं।
अरिहा शाह कौन है?
अरिहा शाह चार साल की भारतीय बच्ची है। अरिहा अपने माता पिता धारा और भावेश शाह से अलग कर दी गई है और उसे जर्मन फोस्टर केयर में रखा गाय है। ऐसा इस वजह से किया गया था क्योंकि दादी से बच्ची को चोट लग गई थी और जर्मन अधिकारियों ने इसे दुर्व्यवहार का मामला मानते हुए उसे अपने संरक्षण में ले लिया था। अरिहा फिलहाल फोस्टर केयर में है और जर्मनी में जटिल कानूनी मामले में फंसी हुई है। माता-पिता कह चुके हैं कि यह एक हादसा था लेकिन जर्मनी के कानूनी पचड़े में फंसने के बाद बच्ची पिछले करीब 40 महीनों से फोस्टर केयर में है।
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