नई दिल्ली: बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के कई नेताओं के घरों में तोड़फोड़ की और देश के संस्थापक नेता शेख मुजीबुर रहमान के ढाका स्थित एक स्मारक में तोड़फोड़ के साथ ही उनके भित्ती चित्रों को नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को उस समय अंजाम दिया जब मुजीबुर रहमान की बेटी और अपदस्थ प्रधानमंत्री हसीना लोगों को डिजिटल माध्यम से संबोधित करने वाली थीं।
इस बीच शेख हसीना ने अपने संबोधन में कहा, "वो एक इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं बल्कि उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।" हसीना के घर के बगल के भूखंड में बने अवामी लीग से जुड़े कई संगठनों के कार्यालय भी ध्वस्त कर दिए गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने धानमंडी में रोड पांच स्थित हसीना के दिवंगत पति वाजिद मियां के आवास ‘सुधा सदन’ में भी आग लगा दी है। प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद हसीना के पिछले साल पांच अगस्त को देश छोड़कर चले जाने के बाद से यह आवास खाली पड़ा था।

ढाका की घटना के बाद बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शनकारी तोड़फोड़ और आगजनी करते देखे गए। खबर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने खुलना शहर में हसीना के रिश्तेदारों शेख हलाल उद्दीन और शेख सलाउद्दीन जेवेल के घरों में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान, उन्होंने “दिल्ली या ढाका-ढाका, ढाका” और “मुजीबवाद मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। शेख हलाल बागेरहाट-1 से, जबकि शेख सलाउद्दीन, खुलना-2 से सांसद रह चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों ने ढाका विश्वविद्यालय के ‘बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान हॉल” से रहमान का नाम मिटा दिया। ‘प्रथोम आलो’ अखबार की खबर के मुताबिक, चटगांव में प्रदर्शनकारियों ने हसीना के संबोधन के खिलाफ मशाल जुलूस निकाला। मैमनसिंह में प्रदर्शनकारियों ने सर्किट हाउस मैदान के पास ‘बंगबंधु’ मुजीबुर रहमान के एक चित्र को हथौड़ों से क्षतिग्रस्त कर दिया। रंगपुर में प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को बेगम रुकैया विश्वविद्यालय में मुजीबुर रहमान के चित्र को विरूपित किया। (भाषा)
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