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ट्रंप के ट्रेलर से चीन में हड़कंप, खुद जिनपिंग के विदेश मंत्री ने अमेरिकी समकक्ष को किया फोन; चेतावनी देने का दावा

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 25, 2025 05:18 pm IST,  Updated : Jan 25, 2025 05:18 pm IST

डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति बनते ही चीन चिंता में पड़ गया है। बता दें कि ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही चीन के कब्जे से पनामा नहर वापस लेने का ऐलान किया था। वहीं ट्रंप ने जिन मार्को रुबियो को अमेरिका का विदेश मंत्री उनके रिश्ते चीन से बेहद खराब हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी समकक्ष शी जिनपिंग। - India TV Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी समकक्ष शी जिनपिंग। Image Source : AP

बीजिंगः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेलर से क्या वाकई चीन घबरा गया है, क्या बीजिंग को डर है कि ट्रंप पनामा नहर छीनने के साथ उसकी अन्य मुश्किलें भी बढ़ा सकते हैं? क्या चीन को इस बात का अंदाजा हो चुका है कि वह बाइडेन से अधिक आक्रामक होने के चलते कुछ भी कर सकते हैं, क्या ट्रंप के आने से वन चाइना पॉलिसी को खतरा है, जिसके तहत वह ताइवान जैसे देशों पर अपना दावा जमाता रहा है? आखिर कोई तो वजह है, जिससे ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही चीन में हड़कंप मच गया है। लिहाजा चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने खुद अपने अमेरिकी समकक्ष को फोन लगाकर काफी देर बातचीत की। 

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका के नए विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर यह वार्ता शुक्रवार को की। चीन की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसके विदेश मंत्री ने फोन पर वार्ता के दौरान मार्को रुबियो को दायरे में रहकर काम करने की पूर्व चेतावनी दी है। एपी ने चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के आधार पर कहा कि वांग यी ने रुबियो से कहा, "मुझे उम्मीद है कि आप तदनुसार कार्य करेंगे। इस दौरान उन्होंने एक चीनी वाक्यांश का इस्तेमाल किया, जिसे आमतौर पर एक शिक्षक या बॉस अपने छात्रों या कर्मचारी को सही व्यवहार करने और अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार होने की चेतावनी देने के लिए करता है। 

रुबियो का रुख रहा है चीन के खिलाफ

ट्रंप के नए विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले से ही चीन के खिलाफ काफी मुखर और हमलावर रहे हैं। ऐसे में उनके विदेश मंत्री नामित होते ही चीन चिंता में पड़ गया था। अब ट्रंप के सत्ता संभालते ही चीन को चिंता सताने लगी है। बता दें कि अमेरिकी सीनेटर के रूप में रुबियो के रिश्ते चीन के साथ बेहद ख़राब रहे हैं। वह चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल उठाते रहे हैं। चीनी सरकार 2020 में उन पर दो बार प्रतिबंध लगा चुकी है। वांग यी के चीनी शब्दों का रुबियो ने अनुवादक से अर्थ पूछा तो इस पर चीन सफाई देने लगा और कहा कि अंग्रेजी अनुवाद अक्सर गलत प्रतीत होते हैं। 

रुबियो ने चीन से क्या कहा?

वांग यी और रुबियो में फोन कॉल पर अमेरिकी बयान में इस वाक्यांश का उल्लेख करने से परहेज किया गया और कहा गया कि रुबियो ने वांग से कहा कि ट्रम्प प्रशासन चीन के साथ अपने संबंधों में अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाएगा। बयान में "ताइवान के खिलाफ और दक्षिण चीन सागर में चीन की जबरदस्त कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बता दें कि जुलाई-अगस्त 2020 में जब चीन ने रुबियो पर प्रतिबंध लगाया था तो वांग यी ही चीन के विदेश मंत्री थे। कट्टर चीन विरोधी रुख के लिए जाने जाने वाले अमेरिका के नये राष्ट्रपति ट्रंप का लक्ष्य चीन को रणनीतिक और आर्थिक रूप से चुनौती देना है। ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, चीन ने नियम-आधारित बहुध्रुवीय दुनिया पर जोर दिया।

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