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अमेरिका को लगा झटका, मुलाकात के बाद शी जिनपिंग ने खारिज किया ट्रंप का दावा; जानें पूरा मामला

 Published : Oct 31, 2025 08:02 am IST,  Updated : Oct 31, 2025 08:02 am IST

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें ट्रंप ने कहा था कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति स्थापित करने में चीन की कोई भूमिका नहीं थी।

Donald Trump (L) Xi Jinping (R)- India TV Hindi
Donald Trump (L) Xi Jinping (R) Image Source : AP

Xi Jinping Rebuts Donald Trump Claim: अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बीच बृहस्तिवार को दक्षिण कोरिया के बुसान में अहम बैठक हुई थी। ट्रंप ने इस मुलाकात को बेहद सफल बताते हुए कहा था कि अगर मैं इस बैठक का शून्य से 10 के पैमाने पर आकलन करूं तो 10 अंक दूंगा, बल्कि मैं बैठक को 12 अंक दूंगा। लेकिन, अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जो कहा है उसपर नजर डालना बेहद अहम है।

जिनपिंग ने खारिज किया ट्रंप का दावा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति स्थापित करने में शामिल नहीं है। दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित शिखर सम्मेलन में शि जिनपिंग ने कहा कि वह ‘‘हालिया गाजा युद्ध विराम समझौते में ट्रंप के योगदान’’ की सराहना करते हैं। हालांकि, उन्होंने ट्रंप के इस दावे का खंडन किया कि चीन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति स्थापित करने में शामिल नहीं है। 

चीनी विदेश मंत्री ने निभाई बड़ी भूमिका

हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि बीजिंग दोनों दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसियों को उनके सीमा विवाद को ‘अपने तरीके से’ सुलझाने में मदद कर रहा है। थाईलैंड-कंबोडिया के बीच टकराव बढ़ने पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया था, जिससे साफ है कि इसमें चीन की भूमिका रही है।

ट्रंप ने क्या किया?

गौरतलब है कि, अपने एशिया दौरे के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने मलेशिया में थाईलैंड और कंबोडिया के नेताओं की मौजूदगी में 'शांति समझौता' घोषित किया था। उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक' बताया है। हालांकि, थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकाओ ने इसे शांति समझौता कहने से इनकार कर दिया और कहा कि यह सिर्फ 'शांति की ओर एक रास्ता' है। 

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच क्या है विवाद?

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवाद प्राचीन प्रीह विहार मंदिर को लेकर 1950 के दशक से चला आ रहा है। फ्रांस से स्वतंत्रता मिलने के बाद 1954 में थाई सेना ने मंदिर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने कंबोडिया के पक्ष में फैसला दिया, लेकिन सीमा निर्धारण पर दोनों देशों के बीच तनाव बना रहा। इसके बाद 2008 में यूनेस्को ने मंदिर को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया जिसके बाद बाद झड़पें शुरू हो गईं। हाल के वर्षों में, विशेषकर 2025 में, सीमा पर हुई गोलीबारी मों दर्जनों लोग मारे गए हैं। थाईलैंड और कंबोडिया करीब 800 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। (भाषा)

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