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Russia Ukraine News : रूस-यूक्रेन जंग के 100 दिन: 68 लाख यूक्रेनी नागरिकों ने छोड़ा घर, खड़ा हुआ मानवीय संकट, जानिए भारत पर क्या पड़ा प्रभाव?

 Published : Jun 03, 2022 09:53 am IST,  Updated : Jun 03, 2022 10:36 am IST

Russia Ukraine News : रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान दुनिया काफी बदली। इकोनॉमी और वर्ल्ड डिप्लोमेसी में भी बदलाव आया। वहीं यूक्रेन के शहर तबाह होकर खंडहर में तब्दील हो गए हैं।

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Russia Ukraine News Image Source : FILE PHOTO

Russia Ukraine News : रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध के 100 दिन पूरे हो गए हैं। इस दौरान दुनिया काफी बदली। वर्ल्ड इकोनॉमी और डिप्लोमेसी में भी बदलाव आया। वहीं जंग की विभीषिका की बात की जाए, तो कभी खूबसूरत दिखने वाले यूक्रेन के शहर तबाह होकर खंडहर में तब्दील हो गए हैं। यूक्रेन को नाटो में जाने से रोकने के मुद्दे ने ऐसा तूल पकड़ा कि यूक्रेन के न मानने पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जंग का ऐलान कर दिया। 24 फरवरी को NATO मेंबरशिप को लेकर रूस-यूक्रेन में यह तनाव बढ़ा था। युद्ध की आंच में यूरोप और बाहर की दुनिया भी प्रभावित हुई। रूस को कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। लेकिन उसने लगातार मिसाइलों के सफल परीक्षण और परमाणु हमले की चेतावनी देकर अमेरिका और नाटो के सदस्य देशों को सोचने पर मजबूर कर दिया। जानिए जंग का रूस—यूक्रेन के साथ ही भारत और दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ा।

68 लाख यूक्रेनी नागरिकों को देश से पलायन के लिए होना पड़ा मजबूर

रूसी हमले की वजह से यूक्रेन के 68 लाख लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है, जो उसकी आबादी का लगभग 15% है यानी की हर 6 में से एक यूक्रेनी को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। UNHRC की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 68 लाख लोगों में से लगभग 36 लाख लोग पोलैंड पहुंचे हैं, जिसकी वजह से उसकी जनसंख्या में 10% का उछाल आ गया।

2021 में जहां यूक्रेन की आबादी 4.3 करोड़ थी, वो अब घटकर 3.7 करोड़ रह गई है। दूसरी तरफ 80 लाख लोग यूक्रेन में आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं, जिस वजह से एक बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया। यह संकट इतना विकराल है कि यूक्रेन में हर गुजरते सेकंड के साथ एक बच्चा युद्ध शरणार्थी बन रहा है।

रूस पर अब तक 10 हजार से ज्यादा प्रतिबंध लगे

रूस की घेराबंदी करने के लिए पश्चिमी देश लगातार उस पर प्रतिबंधों का शिकंजा कस रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से रूस पर 5,831 प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 1,144 प्रतिबंध अमेरिका ने लगाए हैं। इसके अलावा 4,800 से ज्यादा रूसी नागरिकों पर बैन लगाया गया है और 562 इंस्टीट्यूशन और 458 कंपनियों को प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है। कुल मिलाकर, 2014 से अब तक रूस पर 10,159 प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।

तीन माह में ही फॉरेन इनवेस्टर्स ने भारत से निकाल लिए 1 लाख करोड़ रुपए

सबसे पहले भारत की बात करें तो जंग शुरू होने के बाद तीन महीने के भीतर ही फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने इंडियन मार्केट से 1 लाख करोड़ रुपए निकाल लिए, जबकि इससे पहले पिछले 9 महीने में कुल 50 हजार करोड़ रुपए ही निकाले गए थे। भारत सहित दुनिया भर के सभी उभरते हुए बाजारों को महंगाई की वजह से मौद्रिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

डॉलर के मुकाबले गिरा रुपया, 3 माह में क्रूड ऑइल की कीमत 48 डॉलर प्रति बैरल बढ़ी

इस युद्ध की वजह से रुपए को भी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट का सामना करना पड़ा। IMF के मुताबिक, जहां 23 फरवरी को एक डॉलर के मुकाबले रुपया 74.6 पर था, वहीं 31 मई को ये 77.7 के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। दूसरी तरफ 2022 की शुरुआत में जहां क्रूड ऑयल की कीमत 80 डॉलर बैरल थी वो रूसी हमले के बाद 128 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई महंगाई दर

भारत में सालाना महंगाई दर अप्रैल 2022 में बढ़कर 7.8% हो गई, जो मई 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। खाद्य महंगाई दर लगातार सातवें महीने बढ़कर 8.4% हो गई। 31 मई को वनस्पति तेल की कीमत पिछले साल के मुकाबले 26.6% बढ़ गई, जबकि गेहूं की कीमत में 14.3% उछाल आया। इसके अलावा दुनिया भर के 45 देश गंभीर खाद्य संकट के मुहाने पर पहुंच चुके हैं।

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