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PM मोदी के नीदरलैंड दौरे से भारत को क्या-क्या मिला? जानें कितना अहम रहा यह दौरा

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : May 17, 2026 02:51 pm IST,  Updated : May 17, 2026 02:53 pm IST

पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंचे। यहां उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। हालांकि आइये जानते हैं कि पीएम मोदी के नीदरलैंड दौरे से भारत को क्या-क्या मिला?

पीएम मोदी के साथ नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन।- India TV Hindi
पीएम मोदी के साथ नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन। Image Source : X/NARENDRAMODI

दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और तनाव भरे माहौल में भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। पीएम मोदी पांच देशों के दौरे पर हैं और इस बीच वह नीदरलैंड भी पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने अपने समकक्ष रॉब जेटेन से मुलाकात की। इस दौरान रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। शनिवार शाम को हुई बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया की स्थिति, विशेष रूप से क्षेत्र और व्यापक विश्व पर इसके गंभीर प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।

निवेश, रक्षा और सुरक्षा पर समझौता

भारत और नीदरलैंड ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा तथा सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग सहित महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों में संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक ''रणनीतिक साझेदारी रूपरेखा'' की शुरुआत की। दोनों नेताओं ने ''हरित हाइड्रोजन के विकास पर भारत-नीदरलैंड रूपरेखा'' की भी शुरुआत की। पीएम मोदी और रॉव जेटेन ने रक्षा उपकरणों, रक्षा प्रणालियों, पुर्जों और अन्य प्रमुख क्षमताओं के संयुक्त निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त उद्यमों की स्थापना के माध्यम से एक रक्षा औद्योगिक रूपरेखा स्थापित करने की संभावनाओं का पता लगाने पर भी सहमति व्यक्त की। 

द्विपक्षीय व्यापार 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंचा

यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक गंतव्यों में से एक नीदरलैंड के साथ द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह यूरोपीय देश 55.6 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है। विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक नेटवर्क वाला नीदरलैंड मुख्य रूप से रॉटरडैम बंदरगाह के माध्यम से भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का एक रणनीतिक प्रवेश द्वार भी है। वार्ता में दोनों पक्षों ने विज्ञान और नवाचार, सतत विकास, स्वास्थ्य, कृषि, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा परिवर्तन, समुद्री विकास और लोगों के बीच आपसी संबंध में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। 

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी हुई चर्चा

एक संयुक्त बयान के अनुसार, पीएम मोदी और रॉब जेटेन ने होर्मुज स्ट्रेट से होकर स्वतंत्र नौवहन और वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों के आवागमन का आह्वान किया। उन्होंने किसी भी तरह के ''प्रतिबंधात्मक'' कदमों का विरोध किया और इस संबंध में जारी पहलों के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच हुए समझौतों से सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, स्वास्थ्य, जल, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और संस्कृति सहित अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। 

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