PM Modi on UNSC: पीएम नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा से पहले उन्होंने फ्रेंच अखबार को इंटरव्यू दिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के वजूद पर सवालिया निशान उठाया। पीएम मोदी ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। विश्व की सबसे ज्यादा आबादी वाला और सबसे बड़े लोकतंत्र वाला देश भारत ही इसका स्थाई सदस्य नहीं है।
पीएम मोदी फ्रेंच अखबार 'लेस इकोस' को एक इंटरव्यू में UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का जिक्र किया है। उनके इस बयान के साथ ही सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी पर फिर से बहस होने लगी है। इस समय दुनिया के सिर्फ अमेरिका, फ्रांस, रूस, चीन और ब्रिटेन ये 5 देश ही इसके स्थाई सदस्य हैं। हालांकि भारत को कुछ मौकों पर संगठन के गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर अगुवाई करने का मौका मिला है।
पीएम मोदी ने कहा, 'हम कैसे यह कह सकते हैं कि यह एक वैश्विक संस्था का एक प्राथमिक अंग है जबकि अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के पूरे महाद्वीपों को नजरअंदाज कर दिया गया है? यह निकाय कैसे यह दावा कर सकता है कि वह दुनिया के लिए आवाज उठाता है जबकि सबसे ज्यादा आबादी वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र इसका स्थायी सदस्य ही नहीं है?'इससे पहले भी पीएम मोदी ने यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ग्लोबल साउथ के अधिकारों को लंबे समय से नकारा गया है।
यूएनएससी यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद वह संस्था है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है। यूएन की वेबसाइट के मुताबिक सुरक्षा परिषद शांति के लिए पैदा खतरे या आक्रामक कार्रवाई के अस्तित्व का निर्धारण करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाली संस्था है। यह वह संस्था है जो विवाद में शामिल पक्षों से शांतिपूर्ण तरीकों से इसे सुलझाने की अपील करती है।यूएनएससी के 15 सदस्य हैं जिसमें से पांच स्थायी और बाकी अस्थायी हैं।
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