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गुड फ्राइडे के पारंपरिक जुलूस में शामिल नहीं हुए पोप फ्रांसिस, वेटिकन ने बताई वजह

 Edited By: Amit Mishra
 Published : Mar 30, 2024 12:41 pm IST,  Updated : Mar 30, 2024 12:41 pm IST

वेटिकन की तरफ से कहा गया है कि 87 वर्षीय पोप फ्रांसिस फ्लू, ब्रोंकाइटिस या सर्दी से जूझ रहे हैं। पोप गुड फ्राइडे के पारंपरिक जुलूस में शामिल नहीं हुए थे। यह पहली बार है जब पोप अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में गुड फ्राइडे के पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं।

पोप फ्रांसिस (फाइल फोटो)- India TV Hindi
पोप फ्रांसिस (फाइल फोटो) Image Source : AP

रोम: पोप फ्रांसिस रोम के एक बड़े कलागृह में निकाले गए गुड फ्राइडे के पारंपरिक जुलूस में शामिल नहीं हुए जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं। वेटिकन ने जुलूस में उनके शामिल नहीं होने की जानकारी दी है। फ्रांसिस के ‘वे ऑफ क्रॉस’ जुलूस की अगुवाई करने की उम्मीद थी जो ईसा मसीह को सलीब पर चढ़ाने की घटना का प्रदर्शन करता है। जैसे ही यह कार्यक्रम शुरू होने वाला था तो वेटिकन की तरफ से घोषणा की गई कि फ्रांसिस अपने घर से इस कार्यक्रम की निगरानी कर रहे हैं। यह पहली बार है जब फ्रांसिस पोप के अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में इस पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं।

बीमार हैं पोप फ्रांसिस

वेटिकन के प्रेस कार्यालय ने एक बयान में कहा, 87 वर्षीय पोप फ्रांसिस फ्लू, ब्रोंकाइटिस या सर्दी से जूझ रहे हैं। पिछले कई हफ्तों से वह अक्सर अपने एक सहायक को उनके भाषण को जोर से पढ़ने के लिए कहते हैं।

गुरुवार को पूरी की रस्म 

इससे पहले पोप फ्रांसिस ने सेवा और विनम्रता पर जोर देने के लिए गुरुवार की रस्म के दौरान रोम जेल में 12 महिला कैदियों के पैर धोए और चूमे। पोप फ्रांसिसने व्हीलचेयर पर बैठकर यह अनुष्ठान पूरा किया। रेबीबिया जेल में, महिलाएं एक स्टूल पर बैठ गईं ताकि पोप आसानी से व्हीलचेयर में बैठकर समारोह की रस्मों को पूरा कर सकें। जब फ्रांसिस ने महिलाओं के पैर धोए तो वो रो पड़ीं।

‘पाखंड से रहें दूर' 

पोप फ्रांसिस हाल ही में सांस की बीमारी से पीड़ित थे लेकिन गुरुवार को स्वस्थ दिखे और ना सिर्फ महिला कादियों के पैर दोकर रस्म पूरी की बल्कि अपने संबोधन में उन्होंने लोगों से ‘पाखंड’ से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने पुजारियों से कहा कि वो आम लोगों को जो भी सलाह दें, उसे अपने आध्यात्मिक जीवन में भी अपनाएं और दोनों में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। (एपी)

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