विजय देवरकोंडा ने फैंस को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए रोम वेकेशन की तस्वीरें शेयर कीं। हालांकि, पोस्ट शेयर होते ही लोगों ने अटकलें लगाना शुरू कर दिया कि वह अपनी होने वाली पत्नी रश्मिका मंदाना के साथ छुट्टियां मना रहे थे।
डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे वाले एक डॉलर के सिक्के का प्रस्ताव अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह के मौके पर चर्चा में है। यह सिक्का रोमन इतिहास के सुल्ला और सीजर के द्वारा चलाए गए सिक्कों की याद दिलाता है।
कार्लो एक्यूटिस की साल 2006 में 15 साल की उम्र में ल्यूकीमिया से मौत हो गई थी। अब कार्लो को एक समारोह में मिलेनियल संत का दर्जा दिया जाएगा। चलिए ऐसे में कार्लो एक्यूटिस के बारे में जानते हैं।
रोम में उस वक्त बड़ा हादसा हो गया जब एक गैस स्टेशन पर अचानक धमाका हो गया। धमाके के बाद गैस स्टेशन में भयानक आग लग गई। इस घटना में कम से कम 20 लोग घायल हुए हैं। चलिए आपको हादसे की तस्वीरें दिखाते हैं।
पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार होने के बाद उनके अंतिम विश्राम स्थल को जनता के लिए खोल दिया गया है। इस दौरान समाधि स्थाल को देखने के लिए रोम बेसिलिका में हजारों लोगों की भीड़ नजर आई।
ईसाईयों के सबसे बड़े धर्म गुरु पोप लाल जूते क्यों पहने रहते थे, इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है। बता दें कि ईसाईयों में लाल रंग शहादत और ईसा मसीह के जुनून का प्रतीक माना जाता है।
ईसाइयों के सर्वोच्च धर्मगुरू पोप फ्रांसिस का निधन हो गया है। पोप ने वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित अपने निवास स्थान पर अंतिम सांस ली। चलिए आपको बताते हैं कि उन्होंने अपने संदेश में क्या कहा था।
ईसाइयों के सबसे बड़े धार्मिक गुरु पोप फ्रांसिस का निधन हो गया है। पोप फ्रांसिस पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे।
ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की परमाणु वार्ता भी रोम में संपन्न हो गई है। हालांकि अभी यह खुलकर नहीं बताया गया है कि इसमें दोनों देशों में क्या सहमति बनी। इस बीच तीसरे दौर की वार्ता के लिए भी भूमिका तैयार की जाने लगी है। मगर यह वार्ता क्यों हो रही है, अमेरिका के लिए क्यों महत्वपूर्ण है, आइये जानते हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की परमाणु वार्ता अब रोम में शुरू हो गई है। यह बैठक बंद कमरे में हो रही है। इस वार्ता को काफी ज्यादा सकारात्मक बताया जा रहा है।
अस्पताल में भर्ती पोप फ्रांसिस की सेहत में सुधार हो रहा है। पोप की गुर्दे की समस्या अब कम हो गई है और उनको सांस संबंधी परेशानी से भी राहत मिली है।
अस्पताल में भर्ती पोप फ्रांसिस की सेहत में सुधार हो रहा है। पोप की गुर्दे की समस्या अब कम हो गई है और उनकी सांस संबंधी फिजियोथेरेपी की जा रही है।
अस्पताल में भर्ती पोप फ्रांसिस की सेहत में सुधार हो रहा है। इस बीच वेटिकन में हजारों लोगों ने पोप के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की है। डॉक्टरों ने इससे पहले बताया था कि पोप के सामने मुख्य खतरा ‘सेप्सिस’ है।
पोप फ्रांसिस का स्वास्थ्य और ज्यादा खराब होता जा रहा है। वह फेफड़े के संक्रमण से पीड़ित हैं जिसके कारण उनके गुर्दे में खराबी के शुरुआती चरण के लक्षण दिखने लगे हैं। फ्रांसिस के सामने मुख्य खतरा सेप्सिस है जो रक्त का एक गंभीर संक्रमण है।
पोप फ्रांसिस की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वह पिछले एक हफ्ते से फेफड़ों में गंभीर संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने बताया उन्हें खून की कमी से जुड़ी समस्या भी है जिसके चलते उन्हें खून चढ़ाया गया है।
पोप फ्रांसिस को शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कराये जाने के बाद उनका हेल्थ अपडेट सामने आया है। वेटिकन के अनुसार उनका श्वसन तंत्र में संक्रमण होने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पोप फ्रांसिस ने अपने उपदेश में उस पत्थर का जिक्र किया जिसे ईसा मसीह की मौत के बाद उनके मकबरे से हटा दिया गया था। उन्होंने कैथोलिक समुदाय के लोगों से अपनी जिंदगियों में उन पत्थरों को हटाने का अनुरोध किया जो दिल के दरवाजों को अवरुद्ध करते हैं।
वेटिकन की तरफ से कहा गया है कि 87 वर्षीय पोप फ्रांसिस फ्लू, ब्रोंकाइटिस या सर्दी से जूझ रहे हैं। पोप गुड फ्राइडे के पारंपरिक जुलूस में शामिल नहीं हुए थे। यह पहली बार है जब पोप अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में गुड फ्राइडे के पारंपरिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं।
ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने एक साक्षात्कार में इस बात की मंशा जाहिर की है कि अपनी मृत्यु के बाद वे कहां दफन होना चाहेंगे। उन्होंने वेटिकन को लेकर भी अपनी मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें वेटिकन सिटी के बाहर दफन किया जाए। जानिए वे ऐसा क्यों चाहते हैं?
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल-हमास युद्ध को लेकर अपना रुख दुनिया के सामने फिर से स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्री ने भारत के स्टैंड को क्लियर करते हुए कहा कि आतंकवाद हमें अस्वीकार्य है और हमें इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। मगर यहां फिलिस्तीन का भी मुद्दा है, उसकी भी समस्याओं का समाधान होना चाहिए।
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