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ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से पहले जेलेंस्की ने दिखाया रौद्र रूप, कहा-"नहीं छोड़ेंगे रूसी कब्जे वाला यूक्रेनी क्षेत्र"

 Published : Aug 09, 2025 01:46 pm IST,  Updated : Aug 09, 2025 11:50 pm IST

ट्रंप और पुतिन की मुलाकात से पहले जेलेंस्की ने यूक्रेन के उन क्षेत्रों को छोड़ने से साफ मना कर दिया है, जिस पर रूस ने कब्जा किया है। अगले हफ्ते पुतिन और ट्रंप की वार्ता होनी है।

व्लादिमिर जेलेंस्की, यूक्रेन के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
व्लादिमिर जेलेंस्की, यूक्रेन के राष्ट्रपति। Image Source : AP

कीवः रूस-यूक्रेन युद्ध पर अगले हफ्ते होने वाली अमेरिका और रूस के राष्ट्रपति के बीच संभावित वार्ता से पहले ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है। जेलेंस्की ने स्पष्ट तौर पर किसी भी समझौते के तहत रूस द्वारा कब्जा किए गए यूक्रेन के क्षेत्रों को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

 

जेलेंस्की ने कहा-यूक्रेन को भी वार्ता में करो शामिल

 

जेलेंस्की ने यूक्रेन का क्षेत्र औपचारिक रूप से छोड़ने से इनकार करने के साथ ही कहा कि युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित किसी भी वार्ता का यूक्रेन को हिस्सा बनाया जाना चाहिए। गौरतलब है कि ट्र्ंप ने दावा किया है कि 15 अगस्त को वह अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर से मुलाकात करेंगे। ट्रंप ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की पहल का यह प्रयास उम्मीद है बेहद सार्थक साबित होगा। 

जेलेंस्की ने ट्रंप को दी चेतावनी

 

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच प्रस्तावित बैठक की कोई भी शर्तें मानने से खारिज कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस शांति वार्ता में कीव को शामिल नहीं किया गया, तो ऐसे किसी भी समझौते के परिणाम केवल "मृत समाधान" होंगे।

 

अलास्का में होनी है ट्रंप-पुतिन की बैठक

 

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि वह 15 अगस्त को अलास्का में शुक्रवार को पुतिन के साथ यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बैठक करेंगे। मगर अब जेलेंस्की के इस बयान के बाद पुतिन-ट्रंप की वार्ता सफल होने की उम्मीदों पर आशंकाओं के बादल मंडराने लगे हैं। खासकर ऐसे समय में जब बीते कुछ हफ्तों से युद्ध रोकने के प्रयासों की धीमी गति पर निराशा जताई जा रही थी।

 

जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर जारी किया बयान

 

टेलीग्राम पर जारी एक बयान में ज़ेलेंस्की ने कहा कि देश के संविधान में निहित यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्थायी शांति तभी संभव है जब वार्ता की मेज पर यूक्रेन की भी आवाज़ हो। ज़ेलेंस्की ने कहा, "यूक्रेन रूस को उसके किए के लिए कोई इनाम नहीं देगा और यूक्रेनी अपने ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने वालों को कुछ भी नहीं सौंपेंगे।"

 

यूक्रेन के बिना नहीं होगा कोई समाधान

 

पुतिन और ट्रंप की सीधी बैठक को लेकर यूक्रेन और यूरोप में यह चिंता जताई जा रही है कि कहीं इससे कीव और यूरोपीय हित हाशिए पर न चले जाएं। इस पर ज़ेलेंस्की ने कहा, “कोई भी समाधान जो यूक्रेन को दरकिनार करके लाया जाएगा, वह शांति के खिलाफ होगा। ऐसे समाधान कुछ नहीं लाएंगे। ये मृत समाधान होंगे, जो कभी काम नहीं करेंगे।” यूक्रेनी अधिकारियों ने पहले एपी से निजी रूप से कहा था कि कीव एक ऐसे शांति समझौते पर सहमत हो सकता है, जो यह मान ले कि यूक्रेन सैन्य रूप से अपने सभी खोए हुए क्षेत्रों को वापस नहीं ले सकता।

 

ट्रंप-पुतिन की वार्ता से पहले क्यों भड़के जेलेंस्की

 

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया था कि किसी समझौते में “कुछ क्षेत्रों की अदला-बदली” संभव हो सकती है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। क्रेमलिन से जुड़े कुछ विश्लेषकों का मानना है कि रूस उन क्षेत्रों को यूक्रेन से छोड़ने का प्रस्ताव दे सकता है जो उन चार क्षेत्रों से बाहर हैं, जिन्हें वह पहले ही अपने में मिलाने का दावा कर चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि पुतिन के साथ उनकी यह मुलाकात ज़ेलेंस्की के साथ किसी भी बातचीत से पहले होगी। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अगर पुतिन ज़ेलेंस्की से नहीं मिलना चाहते, तब भी वे पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं। 

ट्रंप ने तोड़ी परंपरा

 

ट्रंप द्वारा पुतिन को अमेरिका के अलास्का में बैठक करने के लिए बुलाने की घोषणा करने से यह परंपरा भी टूटी है कि ऐसे सम्मेलन आमतौर पर किसी तटस्थ तीसरे देश में आयोजित होते हैं। पुतिन की मांग भी थी कि यह मीटिंग वह संयुक्त अरब अमीरात में चाहते हैं। मगर ट्रंप के इस कदम को पुतिन की वैधता को मजबूती देने वाला माना जा रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी देश अब तक उन्हें यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने का प्रयास करते रहे हैं। मगर ट्रंप के बुलावे पर क्या पुतिन अमेरिका जाएंगे, इस बारे में रूस की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है। (AP)

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