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Germany: जर्मनी में कई घंटों तक रेल सेवाएं बाधित, लंबी दूरी के साथ क्षेत्रीय ट्रेनें भी नहीं चलीं, हुई तोड़फोड़

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Oct 08, 2022 07:57 pm IST,  Updated : Oct 08, 2022 08:02 pm IST

Germany: ऑपरेटर डॉयचे बान ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी राज्यों हैम्बर्ग, श्लेस्विग-होल्स्टिन, लोअर सैक्सोनी और ब्रेमेन क्षेत्र में लंबी दूरी की या क्षेत्रीय ट्रेनें नहीं चल रही हैं।

Train services disrupted in Germany- India TV Hindi
Train services disrupted in Germany Image Source : AP

Highlights

  • उत्तरी जर्मनी के एक इलाके में संचार प्रणाली हुई विफल
  • इसके बाद ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया

Germany: उत्तरी जर्मनी के एक इलाके में शनिवार को संचार प्रणाली विफल होने के बाद ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। जर्मनी के राष्ट्रीय रेलवे संचालक ने कहा कि तोड़फोड़ के कारण ट्रेन सेवाएं बाधित हुई थीं। ऑपरेटर डॉयचे बान ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी राज्यों हैम्बर्ग, श्लेस्विग-होल्स्टिन, लोअर सैक्सोनी और ब्रेमेन क्षेत्र में लंबी दूरी की या क्षेत्रीय ट्रेनें नहीं चल रही हैं। इसका मतलब यह हुआ कि बर्लिन और कोलोन के बीच और  राजधानी और एम्स्टर्डम के बीच भी ट्रेनें नहीं चल रही हैं, जबकि डेनमार्क से ट्रेनें जर्मनी की सीमा में प्रवेश नहीं कर रही हैं।

ट्रेन सेवाओं के लगभग तीन घंटे के निलंबन के बाद डॉयचे बान ने कहा कि डिजिटल ट्रेन रेडियो प्रणाली की विफलता का समाधान हो गया है, लेकिन ट्रेन सेवाओं में कुछ व्यवधान हो सकता है। डॉयचे बान ने शनिवार को बाद में कहा कि ट्रेन सेवाओं में बाधा रेल यातायात के लिए आवश्यक केबलों की तोड़फोड़ के कारण आई थी। जर्मनी की समाचार एजेंसी डीपीए की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा अधिकारियों ने इस सिलसिले में जांच शुरू कर दी है। 

जर्मनी: पायलट की हड़ताल से सैकड़ों उड़ानें हुईं रद्द

एक अन्य खबर के मुताबिक, बीते दिनों गुरुवार को जर्मनी की विमानन कंपनी यूरोविंग्स को उसके पायलट के हड़ताल पर चले जाने के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। लुफ्थांसा की सहायक कंपनी यूरोविंग्स ने कहा कि उसकी 500 दैनिक उड़ानों में से लगभग आधी का परिचालन रुक जाएगा, जिससे हजारों यात्री प्रभावित होंगे। 

कंपनी के मुताबिक, पायलट की हड़ताल से न सिर्फ जर्मन हवाई अड्डों पर, बल्कि स्टॉकहोम, प्राग और मलोर्का जैसे अन्य क्षेत्रों के हवाई अड्डों पर भी विमान परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पायलट यूनियन वेरेनिगंग कॉकपिट ने कार्य परिस्थितियों में सुधार के मुद्दे पर प्रबंधन के साथ वार्ता रुकने के बाद हड़ताल की घोषणा की। 

दअरसल, पायलट उड़ान के अधिकतम घंटों की मौजूदा स्वीकृत सीमा में कमी लाने की मांग कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई के असर से निपटने के लिए विमानन कंपनी और यूनियन के बीच एक वेतन समझौते पर सहमति बनने के बाद पिछले महीने मूल कंपनी लुफ्थांसा में हड़ताल वापस ले ली गई थी। 

 

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