1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. घरों में बिना मास्क बातचीत से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक: अध्ययन

घरों में बिना मास्क बातचीत से कोरोना वायरस के फैलने का खतरा अधिक: अध्ययन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 09, 2021 05:21 pm IST,  Updated : Jun 09, 2021 05:21 pm IST

घरों में या बंद कमरों में मास्क लगाए बिना बोलने और बातचीत करने से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का जोखिम सबसे अधिक है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

Coronavirus more likely to spread indoors through maskless interaction: Study- India TV Hindi
घरों में मास्क लगाए बिना बोलने और बातचीत करने से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का जोखिम सबसे अधिक है। Image Source : PTI

वाशिंगटन: घरों में या बंद कमरों में मास्क लगाए बिना बोलने और बातचीत करने से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का जोखिम सबसे अधिक है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। इस अनुसंधान में यह बताया गया है कि बोलते वक्त मुंह से अलग-अलग आकार की श्वसन बूंदें निकलती हैं और उनमें अलग अलग मात्रा में वायरस हो सकता है। अध्ययन के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक, सबसे चिंताजनक बूंदे वे हैं जिनका आकार मध्यम है और जो कई मिनट तक हवा में रह सकती हैं। उन्होंने पाया कि ये बूंदे हवा के प्रवाह से ठीक-ठाक दूरी तक पहुंच सकती हैं। 

अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबीटिज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीजेज के एड्रियान बेक्स ने कहा, “हम सबसे देखा है कि जब लोग बात करते हैं तो थूक की हजारों बूंदे उड़ती हैं लेकिन हजारों बूंदें और होती हैं जिन्हें खुली आंखों से नहीं देखा जा सकता है।” अध्ययन के वरिष्ठ लेखक बेक्स ने कहा, “बोलते वक्त निकलने वाली इन वायरस युक्त बूंदों से जब पानी भाप बनकर निकलता है तो वे धुएं की तरह कई मिनटों तक हवा में तैर सकते हैं जिससे अन्य के लिए जोखिम पैदा होता है।”

अनुसंधानकर्ताओं ने कोविड-19 वैश्विक महामारी की शुरुआत के बाद से वायरस प्रसार में एयरोसोल बूंदों के शारीरिक एवं चिकित्सीय पहलुओं पर किए गए कई अध्ययनों की समीक्षा की। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि सार्स-सीओवी-2 का वायुजनित प्रसार न केवल कोविड-19 को प्रसारित करने का मुख्य मार्ग है बल्कि सीमित स्थानों में मास्क लगाए बिना बातचीत करना उस गतिविधि को दर्शाता है जो दूसरों के लिए सबसे अधिक खतरा पैदा करती है। 

अध्ययन के लेखकों ने कहा कि खाना-पीना अक्सर घरों के भीतर होता है और आम तौर पर इस दौरान जोर-जोर से बात की जाती है, इसलिए इस बात को लेकर चौंकना नहीं चाहिए कि बार एवं रेस्तरां हाल में संक्रमण प्रसार का केंद्र बन गए थे। यह अध्ययन मंगलवार को ‘इंटर्नल मेडिसिन’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ।

ये भी पढ़ें

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश