वॉशिंगटन: ओसामा बिन लादेन को मारने के बाद अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने उसकी डायरी सार्वजनिक की है। जिसमें इस बात का जिक्र है कि उसे कोई भारतीय भाई उसे पैसे मुहय्या करा रहा था। डायरी से आतंकी संगठन अल कायदा के काम करने के तरीके का भी खुलासा हुआ है।
इस डायरी से पता चलता है कि अल कायदा ने लंदन बम धमाकों को अंजाम देने के साथ पाकिस्तान, मिस्र, इंडोनेशिया और भारत में अमेरिका और युरोप के लोगों को निशाना बनाने के लिए कामयाब हमलों को अंजाम दिया।
अमेरिका की खुफिया एजेंसी द्वारा जारी 15 पेज के दस्तावेज में खुलासा किया कि ओसामा ने जर्मन बेकरी हमले को खूबसूरत और मुंबई हमले को जाबांज माना था।
इस दस्तावेज में लादेन ने अल कायदा से जुड़े दुनियाभर के सभी संगठनों की कहानियां दर्ज की थी।
इस डायरी से खुलासा होता है कि पुणे और मुंबई में आतंकी हमलों के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही हाथ था। इस डायरी में उसकी सोच और अमेरिका पर खौफनाक हमलों की साजिश के बारे में अहम जानकारी मिली है।
दस्तावेज से इस बात का भी पता चला है कि उसने फंडिंग करने वालों का एक जाल बुन रखा था, जिसमें 'भारतीय' भी थे और आईएसआई के लोग भी। लादेन ने इस बात का भी जिक्र किया है कि कई औरतों ने अपने जेवर बेचकर जिहाद के नाम पर पैसे दिए थे।
इन दस्तावेज के सबसे बड़े खुलासे में यह बात पता चलती है कि उसे मदीना में रहने वाला कोई भारतीय भाई आर्थिक मदद मुहय्या करा रहा था। इस शख्स ने मई 2008 में पाकिस्तान में 292,400 रुपये भेजे। इसके बाद जुलाई 2009 में 335,000 रुपये दिए।