वाशिंगटन, भारतीय आध्यात्मिक गुरु श्री रविशंकर ने कैपिटल हिल्स पर अमेरिकी सांसदों के साथ एक ध्यान सत्र का आयोजन किया। सदन की सदस्य जेन स्काकोस्की ने कहा कि ध्यान खूबसूरत और आत्मशक्ति देने वाला अनुभव था। गुरुवार सुबह आयोजित कार्यक्रम में बताया गया कि किस तरह ध्यान अमेरिका के दिग्गजों और युवाओं के मुद्दों से जुड़ी विभिन्न चिंताओं, खासतौर से अभिघातजन्य तनाव विकार का समाधान निकालने में मदद कर सकता है।
रविशंकर ने कार्यक्रम में आए लोगों से कहा, "ध्यान का रहस्य अपने आप को मुक्त करने में है।"
उन्होंने कहा, "तनाव तब होता है, जब हमारे पास करने के लिए बहुत कुछ होता है, लेकिन हमारे पा इसे करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा या समय नहीं होता। हम न समय को बदल सकते हैं और न ही करने वाली चीजों की संख्या मे परिवर्तन कर सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "इसलिए केवल एक ही विकल्प है- ऊर्जा का स्तर बढ़ाना। ऊर्जा का स्तर प्राणायाम तकनीक और ध्यान से बढ़ाया जा सकता है।"
अमेरिका में रविशंकर के 'प्रोजेक्ट वेलकम होम ट्रप्स' (पीडब्ल्यूएचटी) कार्यक्रम ने ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से 1000 से अधिक दिग्गजों को पीटीएसडी के लक्षणों को कम करने और नागरिक जीवन को फिर से समायोजित करने में मदद की है।
कार्यक्रम में श्री रविशंकर के युवा कार्यक्रमों के बारे में भी बताया गया, जिसका लक्ष्य युवाओं में तनाव और भावनाओं को प्रबंधित करने के लिए उन्हें प्रायोगिक साधन और जीवन कौशल सिखाना है।
रविशंकर ने कहा, "जब व्यक्ति अपने नकारात्मक भावों से सही तरह से निपटने में सक्षम हो जाता है, तभी वह सही मायने में खुश हो सकता है।"
ध्यान सत्र में भाग लेने वाले सांसदों में अमेरिकी सदन के एकमात्र भारतवंशी सदस्य एमी बेरा भी शामिल थे।