
ओबामा ने कहा, इस संधि पर जारी बहस में हम कुछ ऐसी नीतियों और सोच से जुड़ी आवाजें सुन रहे हैं, जो बीते दौर में विफल रही थीं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम के कूटनीतिक हल की संभावना बड़ी तेजी के साथ खारिज करने वाले कुछ नेता और पंडित वही लोग थे, जो इराक में युद्ध करने के लिए आनन-फानन तैयार हो गए और जिन्होंने कहा था कि इसमें कुछ ही माह लगेंगे।
उन्होंने तर्क दिया, इस विकल्प के परिणाम हम जानते हैं। हम यह भी जानते हैं कि इसके लिए हमें जान और माल की क्या कीमत चुकानी पड़ती है। इसलिए मेरा मानना है कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के संरक्षण के लिए यह कहीं बेहतर व जिम्मेदार तरीका है। और हम यही कर रहे हैं। ओबामा ने कहा, एक साझा खतरे का सामना करने के लिए हमने शेष विश्व को खारिज करने के बजाय और पूरी तरह अकेले चलने के बजाय अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट करने का कठिन एवं धैर्य वाला काम किया है।
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