तिजुआना: नए साल के पहले ही दिन मेक्सिको से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे लोगों को आंसू गैस के गोलों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने नए साल के पहले ही दिन मेक्सिको सीमा पर तिजुआना में सीमा बाड़ पार करने की कोशिश कर रहे 150 आव्रजकों पर आंसू गैस के गोले दागे। हालांकि अमेरिका ने कहा कि उसके छोड़े गए गोलों का असर बच्चों और सीमा पर मौजूद किसी भी आव्रजक पर नहीं पड़ा है।
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अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि सीमा पार करने की कोशिश कर रहे आव्रजकों के अलावा पत्थरबाजों को निशाना बनाते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बयान के मुताबिक,‘सीमा पर मौजूद किसी भी आव्रजक, बच्चों पर आंसू गैस के गोलों का असर नहीं पड़ा। इनका इस्तेमाल पत्थरबाजों को पीछे हटाने के लिये किया गया था।’ वहीं, समाचार एजेंसी एपी के फोटोग्राफर का कहना है कि तिजुआना के तट के नजदीक गैस के 3 गोले छोड़े गए जिसका बच्चों, महिलाओं और पत्रकारों समेत कई आव्रजकों पर बुरा असर पड़ा।
एपी का कहना है कि अमेरिका की ओर से आंसू गैसे के गोले छोड़े जाने के बाद ही पत्थरबाजी शुरू हुई। एजेंसी ने कहा कि कुछ बच्चे कंटीले तार पार करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पत्थरबाजी के चलते अमेरिकी एजेंट्स उनकी मदद नहीं कर सके। इसके बाद एजेंट्स ने मिर्च और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। एजेंसी ने कहा कि 25 आव्रजकों को हिरासत में लिया गया है जबकि अन्य आव्रजक वापस मेक्सिको चल गए।