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चीन और रूस की चुनौती के बीच अमेरिका ने अंतरिक्ष युद्धों के लिए बल का गठन किया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 21, 2019 02:05 pm IST,  Updated : Dec 21, 2019 02:05 pm IST

अमेरिका ने रक्षा मंत्रालय के तहत पूर्ण विकसित अमेरिकी अंतरिक्ष बल का गठन कर चीन और रूस से लगातार मिल रही 21वीं सदी की सामरिक चुनौतियों का काट ढूंढ लिया है। 

चीन और रूस की चुनौती के बीच अमेरिका ने अंतरिक्ष युद्धों के लिए बल का गठन किया- India TV Hindi
चीन और रूस की चुनौती के बीच अमेरिका ने अंतरिक्ष युद्धों के लिए बल का गठन किया

वाशिंगटन: अमेरिका ने रक्षा मंत्रालय के तहत पूर्ण विकसित अमेरिकी अंतरिक्ष बल का गठन कर चीन और रूस से लगातार मिल रही 21वीं सदी की सामरिक चुनौतियों का काट ढूंढ लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आकांक्षा पर काम करते हुए, व्हाइट हाउस ने संकेत दे दिया है कि वह स्टार वार में यानि उपग्रह रोधी हथियार और उपग्रहों को मार गिराने वाले हथियारों के लिहाज से भी अपने वर्चस्व को किसी भी तरह कायम रखेगा। 

ट्रंप की इस इच्छा का पहले विरोध किया गया था। ट्रंप ने अंतरिक्ष बल के गठन को वास्तविकता में बदलने के लिए 2020 राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण कानून पर हस्ताक्षर किया, जो पेंटागन बल के लिए शुरुआती बजट तय करेगा जो सेना की पांच अन्य शाखाओं के लिए बराबर होगी। 

ट्रंप ने हस्ताक्षर के लिए एकत्र हुई सेना के सदस्यों से कहा, “अंतरिक्ष में बहुत कुछ होने जा रहा है क्योंकि अंतरिक्ष विश्व का नया युद्ध क्षेत्र है।” अंतरिक्ष बल अमेरिकी सेना का छठा आधिकारिक बल होगा। अन्य बलों में थलसेना, वायुसेना, नौसेना, मरीन और तटरक्षक बल शामिल है। 

रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने शुक्रवार को कहा, “अंतरिक्षीय क्षमताओं पर हमारी निर्भरता बहुत तेजी से बढ़ी है और आज बाहरी अंतरिक्ष अपने आप में किसी युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया है।” उन्होंने कहा, “उस क्षेत्र में अमेरिकी वर्चस्व को बरकरार रखना अब अमेरिकी अंतरिक्ष बल का मिशन है।”

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