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समुद्र में डूबी चीन की "हमलावर परमाणु पनडुब्बी", अमेरिका ने कर दी भारी बेइज्जती; कहा-बीजिंग क्या खाक किसी से लड़ पाएगा?

 Published : Sep 27, 2024 07:41 am IST,  Updated : Sep 27, 2024 07:41 am IST

बड़े-बड़े दावे करने वाला चीन अपनी परमाणु पनडुब्बी तक नहीं बचा गया। 1 साल पहले डूबी परमाणु पनडुब्बी की जानकारी भी वह शर्म के मारे सार्वजनिक नहीं कर सका। मगर अमेरिका ने उसकी सैन्य क्षमताओं की पोल खोल दी है।

समुद्र में डूबी चीन की परमाणु पनडुब्बी की सैटेलाइट तस्वीर।- India TV Hindi
समुद्र में डूबी चीन की परमाणु पनडुब्बी की सैटेलाइट तस्वीर। Image Source : REUTERS

वाशिंगटनः चीन की हमलावर परमाणु पनडुब्बी के समुद्र में डूबने पर अमेरिका ने बीजिंग की बड़ी बेइज्जती कर दी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि चीन की नवीनतम परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बी इस साल की शुरुआत में समुद्र में डूब गई थी। यह उसके लिए शर्मिंदगी की बात है, क्योंकि वह अपनी सैन्य क्षमताओं का विस्तार करना चाहता है। वह अपनी सेना को सबसे ताकतवर बनाना चाहता है। मगर जो अपनी एक पनडुब्बी नहीं बचा सका, वह क्या खाक किसी से लड़ पाएगा?

अमेरिकी अधिकारी के इस बयान ने चीनी सैन्य क्षमताओं की खोखली ढोल की पोल खोल दी है। मतलब साफ है हाथी के दांत खाने के कुछ और एवं दिखाने के कुछ और हैं। चीन शायद दूसरे देशों पर दबदबा बनाने के लिए सबसे ताकतवर सेना बनाने और सबसे उन्नत हथियार रखने का दावा करता है। मगर इस एक घटना ने उसकी सच्चाई खोल दी है। बता दें कि चीन के पास पहले से ही 370 से अधिक जहाजों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। इसके साथ ही उसने परमाणु-सशस्त्र पनडुब्बियों की एक नई पीढ़ी का उत्पादन शुरू कर दिया है।

कैसे डूबी चीन की परमाणु पनडुब्बी

यह सिर्फ चीन की परमाणु पनडुब्बी ही नहीं डूबी है, बल्कि उसके तमाम दावे भी पानी में डूब गए हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चीन की प्रथम श्रेणी की नई परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर पनडुब्बी मई और जून के बीच किसी समय एक घाट के पास डूब गई थी। वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि उनके पास इस मामले में देने के लिए कोई जानकारी नहीं है। चीनी अधिकारी ने कहा, "आपने जो स्थिति बताई है, हम उससे परिचित नहीं हैं और फिलहाल हमारे इससे जुड़ी कोई जानकारी नहीं है।" अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि इसके डूबने का कारण क्या था या उस समय इसमें परमाणु ईंधन था या नहीं।

चीन के आंतरिक रक्षा उद्योग पर उठे सवाल

चीन में हमलावर परमाणु पनडुब्बी के डूब जाने से उसके आंतरिक रक्षा उद्योगों की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में है। अधिकारी ने कहा, "प्रशिक्षण मानकों और उपकरणों की गुणवत्ता के बारे में स्पष्ट सवालों के अलावा, यह घटना पीएलए की आंतरिक जवाबदेही और चीन के रक्षा उद्योग की निगरानी के बारे में गहरे सवाल उठाती है - जो लंबे समय से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पीएलए नौसेना डूबने की घटना को छिपाने की कोशिश करेगी।

यह खबर सबसे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने प्रकाशित की थी।


प्लैनेट लैब्स की उपग्रह छवियों की एक श्रृंखला में वुचांग शिपयार्ड में क्रेन दिखाई देती हैं, जहां पनडुब्बी को डॉक किया गया होगा। चीन की सेना पर पेंटागन की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 तक, चीन के पास छह परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां, छह परमाणु-संचालित आक्रमण पनडुब्बियां और 48 डीजल-संचालित आक्रमण पनडुब्बियां थीं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि पनडुब्बी बल 2025 तक 65 और 2035 तक 80 तक बढ़ने की उम्मीद है। चीन ने कहा कि उसने प्रशांत महासागर में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का एक दुर्लभ प्रक्षेपण सफलतापूर्वक किया है, जिससे देश के परमाणु निर्माण के बारे में अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ने की संभावना है।  (रायटर्स) 

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