वाशिंगटन: ईरान-अमेरिका सघंर्ष के बीच भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की वाशिंगटन में अहम मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ह्वाइट हाउस में हुई। इस दौरान अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा सहयोग और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) समेत द्विपक्षीय संबंधों के कई प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
मई में भारत आएंगे रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अब अगले महीने यानी मई में भारत की यात्रा करेंगे। वह भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। जबकि मिसरी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर अमेरिका गए हैं। व्हाइट हाउस में हुई बैठक में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे। राजदूत गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा:“व्हाइट हाउस में विदेश सचिव विक्रम मिसरी का स्वागत है। विदेश मंत्री रुबियो के साथ बेहद सार्थक बैठक हुई, जिसमें हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर खास तौर पर व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, रक्षा और क्वाड पर ध्यान केंद्रित किया गया। रूबियो भारत यात्रा को लेकर काफी उत्सुक हैं।”
भारत-अमेरिकी की रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
भारतीय दूतावास ने ‘X’ पर पोस्ट में लिखा, "भारत-अमेरिका अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए तत्पर हैं। इससे पहले विक्रम मिसरी ने अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और राजनीतिक मामलों की अवर विदेश मंत्री एलिसन हूकर से अलग-अलग मुलाकातें कीं। उप विदेश मंत्री लैंडौ के साथ बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका की करीबी साझेदारी की पुनः पुष्टि की और फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति तथा अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। एलिसन हूकर ने कहा कि उन्होंने और मिसरी ने चर्चा की कि रक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत और अमेरिका कैसे और अधिक निकटता से काम कर सकते हैं। उन्होंने क्वाड के माध्यम से हो रहे सहयोग का भी जिक्र किया।
इन नेताओं से भी मिले मिसरी
विदेश सचिव मिसरी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल से भी मुलाकात की। दोनों ने आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने में भारत-अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग पर सार्थक चर्चा की। मिसरी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका ईरान के साथ चल रहे तनाव और मध्य पूर्व की स्थिति पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरानी नेताओं के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद जा रहा है।