वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस बात की चिंता है कि पेंटागन शायद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान जंग के बारे में सही जानकारी नहीं दे रहा है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन, इस संघर्ष में अमेरिकी सेना के प्रदर्शन की खूब तारीफ कर रहे हैं। बार-बार यह कहा गया है कि उन्होंने ईरान की वायुसेना, नौसेना और रक्षा बुनियादी ढांचे को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है और अमेरिका के पास हथियारों का पर्याप्त भंडार है।
वेंस ने उठाए हैं सवाल
हेगसेथ और जनरल डैन के बयानों से इतर 'द अटलांटिक' की रिपोर्ट के अनुसार, बंद दरवाजों के पीछे हुई बैठकों में वेंस ने इन दावों की सच्चाई पर बार-बार सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या ट्रंप के सामने जंग की जो सुनहरी तस्वीर पेश की जा रही है वह सचमुच हकीकत है? और क्या पेंटागन ने अमेरिकी मिसाइल भंडारों में आई भारी कमी को कम करके दिखाया है?
वेंस को हेगसेथ पर शक है?
प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि उपराष्ट्रपति ने जंग के बारे में पेंटागन की ओर से गई जानकारी की सटीकता पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ चर्चाओं में उन्होंने कुछ मिसाइल प्रणालियों की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उन्हें डर है कि गोला-बारूद के भंडारों में कमी का असर भविष्य में चीन, उत्तर कोरिया या रूस के साथ होने वाले संभावित टकरावों पर पड़ सकता है।
सार्वजनिक बयानों में वेंस ने की है तारीफ
रिपोर्ट में कहा गया है कि वेंस ने अपनी चिंताओं को अपने निजी विचार के तौर पर पेश किया है ना कि हेगसेथ या केन पर राष्ट्रपति को गुमराह करने का आरोप लगाया है। यहां तक कि अपने सार्वजनिक बयानों में भी वेंस ने पेंटागन प्रमुख की तारीफ की है। लेकिन, निजी तौर पर, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने 'द अटलांटिक' को बताया कि वेंस हमारी रणनीतिक योजना के बारे में बहुत सारे गहरे और तीखे सवाल पूछते हैं।
'माहिर हैं पीट हेगसेथ'
रिपोर्ट में ट्रंप के जिन अधिकारियों का जिक्र है उनमें से कुछ का कहना है कि पेंटागन चीफ का प्रेस कॉन्फ्रेंस में आक्रामक रवैया और जोश भरा संदेश शायद इसलिए तैयार किया गया है ताकि राष्ट्रपति को वही सुनने को मिले जो वह सुनना चाहते हैं। ट्रंप के एक पूर्व अधिकारी ने 'द अटलांटिक' को बताया कि पीट के टीवी अनुभव ने उन्हें इस बात में सचमुच माहिर बना दिया है कि ट्रंप से कैसे बात करनी है और ट्रंप कैसे सोचते हैं।
ईरान को कितना हुआ नुकसान?
जंग में ईरान को हुए नुकसान के बारे में हेगसेथ के दावों और अंदरूनी खुफिया आकलन में कुछ अंतर देखने को मिले हैं। ट्रंप की तरह ही, हेगसेथ ने भी दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह तबाह हो गई है और उसका हवाई क्षेत्र अमेरिका के पूरी तरह नियंत्रण में है। हालांकि, अमेरिका के आकलन से पता चला है कि तेहरान अपनी वायुसेना का लगभग दो-तिहाई हिस्सा, अपनी मिसाइल लॉन्च करने की ज्यादातर क्षमताएं और यहां तक कि उन छोटी तेज नावों को भी बचाने में कामयाब रहा है, जिनका इस्तेमाल खदानें बिछाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात को रोकने के लिए किया जाता था। इसके साथ ही, थिंक टैंक 'सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज' ने कहा है कि उसके आकलन से पता चलता है कि अमेरिका अपने अहम गोला-बारूद की आधी से ज्यादा सप्लाई पहले ही खर्च कर चुका है।
जंग को लेकर क्या रहा वेंस का पक्ष?
यह पहली बार नहीं है जब रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि वेंस ने ईरान में अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इस महीने की शुरुआत में, एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 28 फरवरी को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू होने से पहले ही वेंस उन कैबिनेट सदस्यों में से एक थे जिन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा था कि जंग एक बुरा विचार है जिससे बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान होगा और पूरे इलाके में अफरातफरी मच जाएगी। इस बीच यहां यह भी जान लें कि वेंस, ट्रंप के भरोसेमंद वार्ताकार थे, जिन्होंने इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के पहले (और असफल) दौर का नेतृत्व किया था। दूसरे दौर की वार्ता जो रद्द हो गई थी उसमें वेंस शामिल नहीं थे।
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