पटनाः बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर विवादित बयान देने वाले एडीजी कुंदन कृष्णन ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी है। कृष्णन ने किसानों के प्रति दिए गए बयान पर खेद प्रकट करते हुए अपना बयान सोशल मीडिया पर जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अपराधियों की कोई जात और कोई धर्म नहीं होता। मैं भी किसान परिवार से आता हूं। मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया। उसके बाद विवाद खड़ा हुआ।
किसानों का अपराध से कोई लेना-देना नहींः एडीजी
कुंदन कृष्णन ने कहा कि मेरे बयान का यह मतलब कभी नहीं था कि किसी भी अपराधिक घटना में किसान भाइयों का लेना देना है। किसान हमेशा सम्मान के पात्र हैं और रहेंगे। मेरे पूर्वज भी किसान थे। मै अपने गांव और किसान समाज से गहरा संबंध रखता हूं। प्रत्येक घटना के पीछे अपराधी होते हैं और उनका कोई जाति-धर्म नहीं होता।
कुंदन कृष्णन ने किसानों से मांगी माफी
एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि मेरे मन में किसानों को लेकर काफी आदर भाव है। लेकिन फिर भी मेरे बयान से किसी की ठेस पहुंची हो तो मैं खेद प्रकट करता हूं। इसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।
कुंदन कृष्णन ने दिया था ये बयान
बता दें कि अभी हाल में एडीजी कुंदन कृष्णन ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया था कि राज्य भर में हत्याओं में हालिया वृद्धि मानसून से पहले कृषि कार्य की कमी से जुड़ी है। एडीजी कृष्णन के अनुसार, बिहार में आमतौर पर अप्रैल, मई और जून के महीनों में हत्याओं में वृद्धि देखी जाती है। उन्होंने कहा कि इस दौरान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, कृषक समुदायों के बेरोज़गार युवा अक्सर पैसे के लिए अपराध की ओर रुख करते हैं, जिसमें सुपारी किलिंग भी शामिल हैं।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने की थी बयान की निंदा
एडीजी के बयान से राजनीतिक विवाद छिड़ गया था। विपक्ष के नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे बहाना और पुलिस के मनोबल पर आघात बताया था। उन्होंने कहा था कि पुलिस अधिकारियों को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। इससे पुलिस का मनोबल गिरता है। पुलिस मान रही है कि अपराध बढ़े हैं। बिहार में हर मौसम में अपराध होते हैं। वहीं सत्ताधारी दल से जुड़े नेताओं ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई थी। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी एडीजी के बयान की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि किसान अन्नदाता हैं। वे अपना और दूसरों का पेट भरने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। किसान अपराध नहीं करते।