बिहार के भागलपुर में अवैध हथियार निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। बंगाल और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के रहमतबाग इलाके में एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री पर छापेमारी की। यह फैक्ट्री हैंडलूम की आड़ में संचालित की जा रही थी। छापेमारी के दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद था, जिसमें भागलपुर के सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह और सिटी डीएसपी राकेश कुमार सहित कई थानों की पुलिस टीम शामिल थी।
एसटीएफ ने अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया है। मौके से कई अवैध हथियार और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और गिरफ्तारियों तथा बरामद हथियारों की संख्या बढ़ सकती है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह मकान नासिर नामक व्यक्ति का है। यहां पिछले करीब छह महीने से एक किराएदार हैंडलूम की आड़ में हथियार बना रहा था। स्थानीय लोगों को शक न हो, इसके लिए हैंडलूम की आवाज और बुनाई का बहाना बनाया जाता था।
इस नेटवर्क का सुराग कोलकाता में हुई एक बड़ी कार्रवाई के बाद मिला था। कोलकाता एसटीएफ ने कुछ अपराधियों को गिरफ्तार किया था, जिनकी निशानदेही पर भागलपुर में यह छापेमारी की गई। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह बिहार और बंगाल में अवैध हथियार सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह बिहार एसटीएफ, बंगाल एसटीएफ और भागलपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई थी। मकान की ऊपरी मंजिल को किराए पर लेकर हैंडलूम की आड़ में अवैध हथियार बनाए जा रहे थे। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से 20 आधी बनी पिस्टल, एक ड्रिल मशीन, ग्राइंडर मशीन और अन्य तरह के उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए चार लोग मुंगेर के हैं। यही लोग हथियार बनाते थे। इनका मुखिया भागलपुर का है।
(भागलपुर से अमरजीत सिंह की रिपोर्ट)
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