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बिहार में शराबबंदी पर रार... NDA के सहयोगियों ने ही उठाई समीक्षा की मांग; क्या झुकेंगे नीतीश कुमार?

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Feb 18, 2026 11:05 pm IST,  Updated : Feb 18, 2026 11:18 pm IST

बिहार में अब फिर से शराबबंदी को खत्म करने की मांग उठ रही है। इस बार इस तरह की मांग NDA में शामिल पार्टियों ने उठाई है। शराबबंदी की समीक्षा करने की मांग की जा रही है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार- India TV Hindi
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार Image Source : PTI

बिहार में पिछले कई वर्षों से लागू शराबबंदी कानून अब अपनी ही सरकार के भीतर विरोध का सामना कर रहा है। विधानसभा के भीतर और बाहर NDA के सहयोगी दलों- उपेंद्र कुशवाहा की RLM और जीतन राम मांझी की HAM ने इस कानून की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए इसकी समीक्षा की मांग की है।

विधानसभा में सरकार को घेरते हुए RLM के विधायक माधव आनंद ने कहा कि शराबबंदी को लागू हुए कई साल हो गए, लेकिन इसका जमीन पर कितना असर हो रहा है, क्या वाकई में बिहार में शराब मिलनी बंद हो गई है, इसकी समीक्षा होनी चाहिए। माधव आनंद ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब जोर जबरदस्ती के बजाए सरकार का फोकस अवेयरनेस पर होना चाहिए।

समीक्षा की मांग को मांझी ने किया सपोर्ट

NDA के साथी केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी शराबबंदी की समीक्षा की मांग को सपोर्ट किया। मांझी ने कहा कि शराबबंदी बुरी नहीं है, लेकिन इसकी समीक्षा जरूरी है, क्योंकि बिहार में शराब की दुकानें तो बंद हो गई हैं, लेकिन शराब की होम डिलवरी हो रही है। पुलिस भी शराब की तस्करी करने वालों के बजाए छोटे-मोटे लोगों को पकड़ती है, इसलिए अब इस कानून पर विचार तो होना चाहिए।

इसके बाद RJD के नेता भी मैदान में कूदे। RJD के विधायक रणविजय साहू ने कहा कि शराबबंदी के नाम पर बिहार में नौटंकी हो रही है। पहले कम से कम राजस्व के पैसे तो सरकार को मिलता था, लेकिन अब पूरा पैसा पुलिस और शराब माफिया की जेब में जा रहा है। रणविजय साहू ने कहा कि शराबबंदी अच्छी चीज है, लेकिन इसे कैसे लागू किया जाए, इस पर फिर बात होनी चाहिए।

शराबबंदी पर ओवैसी की पार्टी ने क्या कहा?

ओवैसी की पार्टी के नेता अख्तरूल ईमान ने कहा कि उनकी पार्टी तो पहले दिन से शराबबंदी के खिलाफ थी, क्योंकि जोर जबरदस्ती से जो किया जाता है, वो कभी सफल नहीं होता।

हालांकि, इस मुद्दे पर नीतीश कुमार की सरकार और JDU की राय बिल्कुल क्लीयर है। आज बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि शराबबंदी सबकी सहमति से हुई थी। ये कानून खत्म नहीं होगा। जब उसे पूछा गया कि कानून खत्म न हो, लेकिन इसकी समीक्षा होगी या नहीं, इस पर विजय चौधरी ने कोई जबाव नहीं दिया।

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