महाराष्ट्र में अजित पवार की मृत्यु पर सियासत शुरू हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु के बाद अब यह मामला पूरी तरह से संदेह के आरोपों में घिर गया है। राज्य सरकार ने इस मामले की CBI जांच कराने का फैसला किया है। इस बीच, शरद पवार के पोते और विधायक रोहित पवार इस हादसे को सोची-समझी साजिश बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि न उन्हें CBI की जांच पर भरोसा है और न CID की जांच पर।
रोहित पवार ने कहा कि एक इंडिपेंडेंट जांच कमेटी गठित की जाए, जिसमें तमाम एजेसियों के अधिकारियों के अलावा अजित पवार के सदस्य, विपक्ष के किसी नेता और एक सर्विंग जज को रखा जाए। रोहित पवार को शक है कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत हुई, वो हादसा नहीं, साजिश का नतीजा हो सकती है। रोहित पवार शरद पवार के पोते और अजित पवार के भतीजे हैं। शरद पवार की पार्टी के विधायक हैं। वो कई दिनों से ये मुद्दा उठा रहे हैं।
रोहित पवार ने बुधवार को कहा कि इस मामले में DGCA खुद सवालों के घेरे में है, तो वो निष्पक्ष जांच कैसे कर सकता है? उन्होंने कहा कि उन्हें सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू पर भी भरोसा नहीं है, क्योंकि VSR कंपनी के मालिक से उनके अच्छे रिश्ते हैं।
कल ये खबर आई थी कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की मौत हुई, उसमें प्लेन का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर भी डैमेज हो गया, इसलिए इन दोनों डिवाइसेज को डेटा रिकवर करने के लिए अमेरिका भेजा गया है। इस पर रोहित पवार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स 1100 डिग्री सेंटीग्रेड तक टेंपेरेचर झेल लेता है, फिर ये कैसे नष्ट हुआ। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी तो ये है कि जो विमान अजित पवार को दिया गया, वो 8000 घंटे की उड़ान भर चुका था, जबकि इस विमान की मैक्सिमम लिमिट 5000 घंटे की है। इसकी रीडिंग Temperd करके 4915 घंटे दिखाई गई। रोहित पवार ने VSR कंपनी पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लेयर जेट भारत में रजिस्टर्ड नहीं हो सकता, फिर इसे कैसे रजिस्टर किया गया?
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