बिहार के सुपौल में एक महिला के बैंक खाते में 740 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपए आ गए। जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड में महिला गीता देवी की किस्मत ने ऐसा खेल खेला है कि पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है। प्रखंड क्षेत्र के हरिहरपट्टी पंचायत के वार्ड 10 निवासी आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 339 की सहायिका गीता देवी के खाते में अरबों रुपए आ जाने से पूरा इलाका सन्न है।
खाते की डिटेल्स निकलवाई तो उड़े होश
दरअसल, गीता देवी को यह खबर तब लगी जब वे 10 जुलाई 2026 को गांव के ही एक सीएससी संचालक के पास अपने खाते से 2100 रुपये निकालने पहुंचीं। महिला ने अपने खाते से 2100 रुपये निकालने के बाद सीएससी संचालक से पूछा कि अब मेरे खाते में कुल कितने रुपये शेष बचे हैं तो सीएससी संचालक के महिला के खाते में शेष बचे रुपये देख कर होश उड़ गए। सीएससी संचालक ने महिला को बताया कि उसके खाते में 7,40,68,72,895.78 रुपये है। खाते में शेष बची रकम के बारे में जानकर महिला भी चौंक गई। महिला के खाते में सौ हजार या एक करोड़ नहीं, बल्कि पूरे 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये थे।
सन्न रह गया महिला का पति
इसके बाद महिला को लगा कि शायद उनके पति ने यह रुपये उनके खाते में भिजवाए हो। हालांकि महिला के पति प्रदीप कुमार पंजाब में रहकर मजदूरी करते हैं। अपने पति से जब महिला ने बात की तो वह भी सन्न रह गए। महिला ने अपने पति से पूछा कि आपने मेरे खाते में इतना ज्यादा रुपया क्यों भेजा है तो उसने भी इनकार कर दिया।

सीएससी संचालक ने क्या कहा?
सीएससी संचालक बलराम कुमार ने बताया कि गीता देवी मेरे पास 21 सौ रुपये निकालने आई तो हमने बिना अकाउंट का बैलेंस चेक किए ही उनके खाते से 21 सौ रुपये निकाल दिए और रुपए निकालने के बाद उनके एकाउंट में शेष बची राशि को देखा तो वह सीरियल नंबर में बहुत ज्यादा दर्ज थी। इसके बाद हम भी थोड़ा कन्फ्यूज हो गए लेकिन फिर लगा कि कुछ सर्वर वगैरह की समस्या हो सकती है। मैं पिछले 8-10 सालों से यह काम कर रहा हूं लेकिन आजतक गलत ट्रांजेक्शन नहीं दिखाया। सीएससी संचालक ने महिला को कुछ देर बाद बताया कि आपके खाते में अरबों रुपये है। अगर आपके नहीं है तो आप बैंक जाकर सरेंडर कर दीजिए। लेकिन आधे घंटे बाद ही खाता चेक करने पर उसका खाता फ्रीज मिला।
वहीं, आपको बता दें कि आज राज्य के मुजफ्फरपुर से भी ऐसा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जहां पेंशन निकालने पहुंचे एक बुजुर्ग और उनके दिव्यांग बेटे के अकाउंट्स में अचानक 15 अरब रुपये आ गए।
10 जुलाई 2026 को आए थे पैसे
गीता देवी, जो पेशे से आंगनबाड़ी सहायिका हैं, उन्होंने बताया कि हमको कुछ काम था जिसको लेकर हम अपने खाता से 2500 रुपये निकालने के लिए सीएससी गए थे। 25 सौ रुपये न निकालकर हमने मात्र 21 सौ रुपये अपने खाते से निकाले और उसके बाद सीएससी संचालक से पूछा कि हमारे खाते में अब कितनी राशि शेष बची है तो उसने बताया कि आपके खाते में 740 करोड़ कुछ रुपए बचे हैं। इसके बाद दोबारा 10 हजार रुपये निकालने चाहे लेकिन खाता फ्रीज हो गया।
इलाके में चर्चा का विषय बनी यह घटना
अब सवाल यह उठता है कि एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में इतनी बड़ी राशि आखिर आई कहां से? क्या यह किसी सरकारी गड़बड़ी का नतीजा है, किसी साइबर एरर का कमाल या फिर किसी बड़े खेल का हिस्सा? जिले भर में अब इस घटना की चर्चा सरेआम हो रही है। यह घटना इलाके के लोगों के बीच सुर्खियों में है। लोगों का कहना है कि भगवान जब देता है तो छप्पड़ फाड़कर, तो कोई इसे डिजिटल गड़बड़ी बता रहा है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुटी है। वहीं, अब इस अरबपति सहायिका की कहानी त्रिवेणीगंज ही नहीं, पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोर रही है।
(रिपोर्ट- संत सरोज)
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