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दरभंगा: जिस बच्चे की हत्या पर हुआ था बवाल, थाना प्रभारी सस्पेंड और आरोपी को जेल, वह वापस लौटा, पूरी कहानी बताई

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Apr 18, 2025 07:07 am IST,  Updated : Apr 18, 2025 07:07 am IST

पीड़ित लड़के ने बताया कि उसका अपहरण किया गया था और उसे नेपाल में रखा गया था। यहां से मौका मिलने पर वह एक दिन भाग निकला। वहीं, पुलिस पहले ही इस लड़के की हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को जेल भेज चुकी है।

bhola Kumar- India TV Hindi
वापस लौटा भोला कुमार Image Source : INDIA TV

बिहार के दरभंगा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जिस बच्चे की हत्या के आरोप में एक व्यक्ति को जेल भेज दिया गया। एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया। वह बच्चा वापस लौट आया है और उसने अपने अपहरण की पूरी कहानी सुनाई है। मामला मब्बी थाना क्षेत्र के सिमरा नेहालपुर का है। यहां भोला राम नामक नाबालिग की हत्या को लेकर आजमनगर में मुख्य सड़क को जाम करके हजारों लोगों ने बवाल काटा था।

विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी करके पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया था और टायर जला कर विरोध किया था। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी दीपक कुमार को सस्पेंड भी कर दिया गया, और मामले में हत्या के आरोपी राहुल कुमार को जेल भेज दिया गया था।

पुलिस ने नहीं दर्ज की थी शिकायत

दरभंगा में बवाल से लगभग 12 दिन पहले भोला राम के गायब को लेकर पुलिस में शिकायत की गई थी। इसके बाद अल्लपटि गुमटी पर एक हाथ और एक पैर कटी लाश बरामद हुई थी। भोला राम के परिजनों ने लाश की पहचान की थी और भोला राम का दाह संस्कार भी कर दिया गया था। उन्हें सरकारी लाभ भी मिला था, लेकिन अब भोला राम वापस आ गया है। ऐसे में सभी हैरान हैं। 

जबरन कराई थी शव की पहचान

मब्बी थाना कांड संख्या-22/25 के सूचक जगदेव राम के पुत्र धीरज कुमार ने अपने कथित मृतक भाई को साथ लेकर विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी‌ अदालत में आवेदन किया है कि उसका भाई भोला कुमार राम जिंदा है। भोला राम को मृत घोषित कर दिया गया था। धीरज ने कहा कि 28 फरवरी 2025 को पुलिस ने उसे फोन कर डीएमसीएच बुलाया और एक लाश की पहचान करने को कहा। लाश का चेहरा विकृत था। ऐसे में जबरन उससे पहचान कराई गई और 1 मार्च 25 को शव सुपुर्द कर दिया गया। जिस व्यक्ति का शव उन्हें मिला था, उसकी उम्र 20-25 वर्ष थी, जबकि उसके भाई की उम्र 16-17 साल है। 

नेपाल में मिला भाई

धीरज ने बताया कि उसके मोबाईल पर व्हाट्सएप कॉल आया कि तुम्हारा भाई नेपाल में है। फोन पर बताए गए पते पर वह नेपाल के इण्डस्ट्रीज मिर्चाईया कटारी चौक गया, जहां उसे भोला मिला और बताया कि 2-3 अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था और उसे एक कमरे में बंद कर रखते थे। स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर ने सूचक का आवेदन की प्रति प्राप्त कर कांड के अनुसंधानक को सूचित किया। अनुसंधानक ने कथित मृतक भोला राम को अभिरक्षा में लेकर कोर्ट में प्रस्तुत किया और कोर्ट से जिवित भोला का बीएनएस की धारा 183 के तहत बयान अंकित करने की याचना की। 

स्पेशल जज शैलेंद्र कुमार ने 183 बीएनएस के तहत बयान दर्ज करने के लिए सीजेएम को निर्देशित किया। जहां उसका बयान दर्ज किया गया। कुमार की अदालत ने जिवित भोला को उचित पहचान पर उसके माता पिता को सौंप देने का आदेश पारित किया है। 

भोला का परिवार खुश, लेकिन प्रशासन के सामने कई सवाल

सवाल यह है कि आखिर अल्ललपट्टी रेलवे गुमती के निकट मिले अज्ञात जख्मी, जिसकी मौत इलाज के दौरान अस्पताल में हो गई और उसका दाह संस्कार भी कर दिया गया। वह कौन था? वहीं भोला कुमार राम की हत्या के अभियोग में काराधीन राहुल कुमार की न्यायिक अभिरक्षा में कैद अवधि के ऐवज में कैसे न्याय मिलेगा। कथित मृतक को जीवित रुप में पेश कर उसके भाई ने हत्या की इस कहानी को स्वयं झुठला दिया है। इसके अतिरिक्त राज्य कोष से कथित मृतक की हत्या के ऐवज में मिले 4 लाख 25 हजार रुपये का क्या होगा। इस वारदात ने पूरे तंत्र को सकते में डाल दिया है। 

(दरभंगा से जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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