गोपालगंज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां दोस्ती के नाम पर एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दो साल पहले लापता हुए युवक चंदन कुमार की हत्या का मामला अब जाकर सुलझा है। कातिल कोई और नहीं, बल्कि उसके अपने दोस्त ही निकले। मामला कुचायकोट थाना क्षेत्र के सासामुसा सिरिसिया गांव का है।
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जानकारी के मुताबिक, 22 वर्षीय चंदन कुमार 28 फरवरी 2024 की शाम अपने तीन दोस्तों के साथ एक तिलक समारोह में गया था, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटा। रात होते-होते उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों ने जब उसके दोस्तों से संपर्क किया, तो सभी ने अनजान बनने का नाटक किया।
2 साल तक चलता रहा इंतजार
परिवार ने हर जगह तलाश की, लेकिन चंदन का कोई सुराग नहीं मिला। मामला धीरे-धीरे ठंडा पड़ता जा रहा था, लेकिन परिजनों ने हार नहीं मानी। इसी बीच गोपालगंज में नए एसपी विनय तिवारी की पोस्टिंग हुई। परिवार ने उनसे मिलकर मामले की गुहार लगाई। एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केस को दोबारा खुलवाया।
जांच के दौरान पुलिस ने चंदन के दोस्तों के मोबाइल को सर्विलांस पर लिया, जिसमें कई संदिग्ध बातें सामने आईं। शक गहराने पर पुलिस ने दो दोस्तों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने कबूल किया कि कूड़ा बीनने को लेकर हुए विवाद में उन्होंने चंदन की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया।
नाले से मिला नरमुंड
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नाले में सर्च ऑपरेशन चलाया, जहां से मानव खोपड़ी और जबड़ा बरामद हुआ। फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि ये अवशेष चंदन कुमार के ही हैं।
दोस्त ही निकले कातिल
जांच में साफ हो गया कि चंदन की हत्या उसके अपने दोस्तों ने ही की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की पूछताछ जारी है। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि दो साल पुराने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। केस सुलझाने वाली टीम को 5 हजार रुपये का इनाम भी दिया गया है। इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा अपने ही करीबियों से होता है।
(गोपालगंज से अयाज अहमद की रिपोर्ट)