1. Hindi News
  2. बिहार
  3. हद है! मुजफ्फरपुर में जीवित वृद्ध महिला को बता दिया मृत, पेंशन भी रोक दी, लगातार लगा रही कार्यालय के चक्कर

हद है! मुजफ्फरपुर में जीवित वृद्ध महिला को बता दिया मृत, पेंशन भी रोक दी, लगातार लगा रही कार्यालय के चक्कर

 Published : Jun 08, 2026 07:00 pm IST,  Updated : Jun 08, 2026 07:17 pm IST

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक जीवित वृद्ध महिला को मृत घोषित कर दिया है जिस वजह से उन्हें कई महीनों से पेंशन नहीं मिल पा रही है। अब यह मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है।

मुजफ्फरपुर में जीवित महिला को मृत बताकर पेंशन बंद- India TV Hindi
मुजफ्फरपुर में जीवित महिला को मृत बताकर पेंशन बंद Image Source : INDIA TV

मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से एक बहुत ही लापरवाही भरा मामला सामने आया है। सरकारी दफ्तर ने यहां एक जीवित वृद्ध महिला को मृत करार दिया गया है। इस वजह से महीनों से वृद्धा को पेंशन नहीं मिल रही है। महिला लागतार कार्यालय के चक्कर लगा रही है यह बताने के लिए कि वो ज़िंदा है। जिसे देखते हुए अब यह मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है और कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरा, संजय सिनेमा रोड की रहने वाली 75 वर्षीय वृद्ध विधवा महिला पवितर देवी को अपने ज़िंदा होने का सबूत देना पड़ रहा है। क्योंकि उन्हें रिकॉर्ड में मृत घोषित किया जा चुका है। मृत घोषित होने की वजह से हर महीने मिलने वाली उनकी पेंशन राशि को भी रोक दिया गया है जिससे वो काफी परेशान हैं।

लगातार लगा रही हैं कार्यालय के चक्कर  

वृद्ध महिला पवितर देवी कार्यालयों का चक्कर लगाते-लगाते काफ़ी परेशान हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालयों ने उन्हें मृत मान लिया है। तीन चार महीने से उनकी पेंशन नहीं मिल रही है। लोग उन्हें ज़िंदा भूत बोल रहे हैं। थक-हारकर महिला ने मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा के माध्यम से मानवाधिकार आयोग में दो याचिका दाखिल की है। दायर याचिका में पीड़िता ने कहा है कि मैं ज़िदा हूं लेकिन प्रताड़ित हो रही हूं, लोग मुझे भूत बुलाने लगे हैं और महीनों से पेंशन नहीं मिल रही है।

अधिवक्ता ने कहा मानवाधिकार का हुआ है उल्लंघन

इस मामले के संबंध में मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा ने कहा कि यह मामला काफ़ी हास्यास्पद हैं। जीवित महिला को मृत बताकर वृद्धा पेंशन की राशि को रोक दिया जाना मानवाधिकार का बहुत बड़ा उल्लंघन हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना को सूचित किया गया है और उचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द राशि मुहैया कराया जा सके।

(मुजफ्फरपुर बिहार से संजीव कुमार की रिपोर्ट)

यह भी पढ़ें-

मुजफ्फरपुर आईसीयू अग्निकांड के बाद एक्शन में प्रशासन, 13 प्राइवेट नर्सिंग होल सील

खान सर के कोचिंग संस्थान में हो रही सुरक्षा नियमों की अनदेखी, लग सकता है ताला, सामने आया DIG का बयान

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।