बिहार के पूर्वी चंपारण जिले की मोतिहारी विधानसभा सीट अहम सीटों में से एक है जिसका क्रम संख्या 19 है। यह सीट पूर्वी चंपारण लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा भी है। साल 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिश के बाद मोतिहारी विधानसभा सीट में मोतिहारी सामुदायिक विकास केंद्र के साथ-साथ मोतिहारी नगर परिषद और लौटनाहा तथा पिपरीकोठी सामुदायिक विकास केंद्र को भी शामिल किया गया। इस विधानसभा सीट पर बीजेपी ने हैट्रिक लगाई है।
भाजपा के प्रमोद कुमार ने पिछले तीन बार से चुनाव में भी जीत को बरकरार रखा है। साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रमोद कुमार ने आरजेडी के ओम प्रकाश चौधरी को वोटों के बड़े अंतर हराया था। दोनों नेताओं के बीच जीत का फासला करीब 14645 वोटों का रहा। बीजेपी उम्मीदवार को कुल 49.44 प्रतिशत वोट मिले, वहीं, राजद के खाते में 41.63 प्रतिशत वोट आए थे।
मोतिहारी सीट का इतिहास
साल 1977 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता पार्टी और फिर साल 1980 के चुनाव में कांग्रेस (इंदिरा) के उम्मीदवार ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। 1985 के चुनाव में कांग्रेस के हिदायतुल्लाह खान ने चुनाव जीता और 1990 के चुनाव में भी मोतिहारी सीट पर अपना कब्जा जमाए रखा। फिर साल 1995 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता दल ने कमबैक किया और अवधेश प्रसाद कुश ने जीत दर्ज की। 2000 में समता पार्टी के टिकट से माहेश्वर सिंह ने अवधेश प्रसाद को हराया और फिर 2005 में भी माहेश्वर सिंह ने लोजपा के टिकट से चुनाव लड़े और इस सीट से जीते। उसके बाद से लगातार बीजेपी इस सीट पर जीत का परचम लहराती रही है।
मोतिहारी सीट पर कब है वोटिंग
मोतिहारी विधानसभा सीट पर इस बार के चुनाव के लिए दूसरे चरण यानी 11 नवंबर 2025 को वोटिंग होगी और रिजल्ट 14 नवंबर को आ सकते हैं।