नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लोक भवन में पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और अपना त्यागपत्र उन्हें सौंप दिया। इस दौरान नीतीश कुमार लोकभावन में महज सात मिनट ही रुके। नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी के साथ इस्तीफा देने के लिए लोक भवन पहुंचे थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नीतीश कुमार से उस समय मुलाकात की, जब वह राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए रवाना हो रहे थे।
'2005 में बनी थी एनडीए की सरकार'
नीतीश कुमार ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "आप जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार एनडीए सरकार बनी थी। तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुए हैं। सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है चाहे हिंदू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो- सभी के लिए काम किया गया है। हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी बहुत काम किया गया है।"
'बिहार काफी आगे बढ़ेगा'
उन्होंने आगे लिखा, "इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अगले पांच वर्षों यानि 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इससे और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नमन करते हैं। बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जाएगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।"
'नई सरकार देखेगी काम'
नीतीश कुमार ने एक्स पर लिखा, "हमने बिहार के लोगों के लिए बहुत काम किया है। इतने दिनों से हमने लगातार लोगों की सेवा की है। हमने तय किया था कि अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे और इसलिए आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से मिलकर उन्हें इस्तीफा सौंप दिया। अब नई सरकार यहां का काम देखेगी। नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा। आगे भी बहुत अच्छा काम होगा तथा बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं तथा शुभकामनाएं देता हूं।"
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