नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में 100 स्मार्ट शहर बसाना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर देश के सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों को स्मार्ट शहरों में तब्दील करना चाहते हैं। एक बिजनेस दैनिक अखबार के साथ बातचीत में नितिन गडकरी ने अपनी आगामी परियोजनाओं पर खुलकर बात की।
नितिन गडकरी ने कहा, “हम चाहते हैं कि सड़क और बंदरगाह क्षेत्र से भी हमारी जीडीपी में दो फीसदी का योगदान दिया जाए। हम 12 प्रमुख बंदरगाहों को स्मार्ट सिटी में तब्दील करना चाहते हैं, लेकिन यह 100 स्मार्ट सिटी का हिस्सा नहीं है। आप ऐसी कोई शिकायत नहीं सुनोगे कि फलां जगह सड़क नहीं बन रही है और खाली पड़ी है।”
परिवहन मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार का मुख्य लक्ष्य बुनियादी ढांचा है और इसमें तेजी लाने के लिए नई परियोजनाएं कतार में हैं जो आगामी कुछ महीनों में ही सामने होंगी। उन्होंने कहा, “पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप) की इसलिए जरूरत है ताकि ग्रामीण इलाकों और कृषि क्षेत्र पर ध्यान लगाया जा सके। जब मैने मंत्रालय की कमान संभाली थी तब 2 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से सड़कें बन रही थीं। आज यह रफ्तार 12 किलोमीटर प्रतिदिन है और इस महीने के आखिर में इसे 14 किलोमीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। साथ ही हम अगले दो साल में इस रफ्तार को 30 किलोमीटर प्रतिदिन करना चाहते हैं।”
गडकरी ने कहा कि पिछली सरकार में पर्यावरण संबंधी अप्रूवल को लेकर काफी सारी समस्याएं आती थीं। उन्होंने कहा कि हम पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप) और ईपीसी (अभियांत्रिकी, खरीद एवं निर्माण) मॉडल के जरिए अगले छह महीने में चाहते हैं कि तीन लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं लाना चाहते हैं। परिवहन मंत्री ने कहा कि उन्होंने चार धाम की यात्रा को लेकर भी एक परियोजना की योजना बनाई है।