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छत्तीसगढ़ में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित, नकल रोकने का बिल भी पास

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Mar 20, 2026 11:40 pm IST,  Updated : Mar 20, 2026 11:47 pm IST

छत्तीसगढ़ विधानसभा ने भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए 'छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026' को शुक्रवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय- India TV Hindi
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय। फाइल Image Source : ANI

रायपुरः छत्तीसगढ़ विधानसभा ने राज्य के अलग-अलग विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 को शुक्रवार को पारित कर दिया। विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 पेश किया। वहीं, भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए विधेयक भी पारित किया गया। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक-2026 के जरिए परीक्षा माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सदन में चर्चा के बाद इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

यह विधेयक तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया में एकरूपता लाने, अन्य परीक्षाओं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, प्रवेश परीक्षाओं और उससे संबंधित अथवा उसके आनुषंगिक मामलों के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन करने के लिए लाया गया है। 

सीएम ने बताया क्यों बन रहा नया कानून

इस विधेयक के कानून बनने के बाद अभी मौजूद 'छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल' को इस नए बने मंडल में सम्मिलित माना जाएगा। इस विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कर्मचारी चयन मंडल बनाने के लिए लाया गया यह नया विधेयक भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाने और उसमें पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से है। सीएम साय ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार (राज्य में कांग्रेस की सरकार) के दौरान भर्ती में हुई गड़बड़ियों के कारण युवाओं को नुकसान उठाना पड़ा। 

सीएम साय ने कही ये बातें

 

उन्होंने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के कथित घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है और जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय पर रिक्तियां निकालते हैं, जिससे उम्मीदवारों को हर पद के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग की चयन प्रक्रिया अलग होती है, और हर बार अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित करने से भर्ती एजेंसियों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। 

सीएम साय ने कहा कि प्रस्तावित मंडल अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली सुनिश्चित करके इन चुनौतियों का समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि चयन मंडल बनने के बाद, परीक्षाएं हर साल और एक तय समय-सीमा के भीतर आयोजित की जा सकेंगी। एक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों के लिए व्यवस्थित तरीके से तैयारी करना आसान हो जाएगा। साय ने कहा कि युवा ही 'विकसित भारत' और 'विकसित छत्तीसगढ़' बनाने की नींव हैं तथा राज्य सरकार युवाओं को एक पारदर्शी माहौल में अपने सपनों को पूरा करने का अवसर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस'(कतई न बर्दाश्त करने) की नीति अपनाती है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

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