Sunday, February 08, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. छत्तीसगढ़
  3. छत्तीसगढ़ में ED क्यों किया IAS अधिकारी को गिरफ्तार, तीन दिन की रिमांड मिली, जानें पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में ED क्यों किया IAS अधिकारी को गिरफ्तार, तीन दिन की रिमांड मिली, जानें पूरा मामला

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले ने प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने IAS अधिकारी निरंजन दास को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारी को तीन दिन की ED रिमांड पर भेजा गया है।

Reported By : Bhasker Mishra Edited By : Subhash Kumar Published : Dec 23, 2025 04:23 pm IST, Updated : Dec 23, 2025 04:47 pm IST
Chhattisgarh Liquor scam IAS officer ARRESTEDs- India TV Hindi
Image Source : PTI/PEXELS सांकेतिक फोटो।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर जोनल ऑफिस द्वारा 19 दिसंबर 2025 को IAS अधिकारी निरंजन दास को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। गिरफ्तार किए जाने के बाद निरंजन दास को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें तीन दिन की ED हिरासत में भेज दिया।

क्या है पूरा मामला?

ED ने इस मामले में जांच की शुरुआत ACB/EOW, रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस शराब घोटाले से राज्य सरकार को भारी नुकसान हुआ और इससे करीब 2500 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) की गई।

IAS को 18 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिली- ED

ED की जांच में खुलासा हुआ है कि निरंजन दास को इस घोटाले से लगभग 18 करोड़ रुपये की अवैध रकम मिली थी। जांच एजेंसी के पास डिजिटल सबूत, जब्त दस्तावेज और लिखित बयान मौजूद हैं, जिनसे यह साबित होता है कि निरंजन दास शराब सिंडिकेट के एक सक्रिय सहयोगी थे।

IAS की क्या थी भूमिका?

जांच में यह भी सामने आया है कि निरंजन दास को जानबूझकर आबकारी आयुक्त और आबकारी विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था, ताकि शराब घोटाले को आसानी से अंजाम दिया जा सके। ED के मुताबिक, उन्होंने अपने वैधानिक कर्तव्यों की अनदेखी की और सरकार के राजस्व की खुली लूट में मदद की। बदले में उन्हें हर महीने 50 लाख रुपये की रिश्वत मिलती थी।

आरोप है कि निरंजन दास फील्ड अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में बिना हिसाब की कच्ची और अवैध शराब की बिक्री बढ़ाने के निर्देश देते थे। इस तरह उनकी भूमिका न सिर्फ मूल अपराध को अंजाम देने में, बल्कि अवैध कमाई को ठिकाने लगाने यानी मनी लॉन्ड्रिंग में भी बेहद अहम रही।

इन बड़े लोगों की भी हो चुकी गिरफ्तारी

ED ने इस मामले में पहले भी कई बड़ी गिरफ्तारियां की हैं। निरंजन दास के अलावा अनिल टुटेजा (पूर्व IAS), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (ITS), कवासी लखमा (विधायक और तत्कालीन आबकारी मंत्री), चैतन्य बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र) और सौम्या चौरसिया को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। छत्तीसगढ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।

Advertisement
Advertisement
Advertisement