छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक पुलिस आरक्षक ने अपने घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार शाम पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन में हुई। पुलिस ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतक आरक्षक का नाम सुरेंद्र साहू था और वह पुलिस लाइन में ही तैनात था। पद्मनाभपुर थाने के प्रभारी राजकुमार लहरे ने बताया कि घटना के समय साहू की पत्नी किसी रिश्तेदार के घर गई हुई थी। जब वह वापस लौटी, तो उसने अपने पति को फंदे से लटका हुआ पाया।
घटनास्थल पर नहीं मिला सुसाइड नोट
पत्नी ने तुरंत पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में और जानकारी मिल पाएगी।
जहर खाने से चिकित्सक की मौत
एक अन्य खबर में, महाराष्ट्र के नागपुर में जहर खाने के कारण 80 वर्षीय एक चिकित्सक की मौत हो गई जबकि उनकी 70 वर्षीय पत्नी की हालत गंभीर है। दोनों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से परेशान होने के कारण जहर खा लिया। सोनेगांव थाना क्षेत्र के समर्थ नगरी निवासी 80 वर्षीय चिकित्सक लंबे समय से पेट में ‘अल्सर’ और दांतों की समस्या से पीड़ित थे। पड़ोसियों ने चिकित्सक को उनके घर के बरामदे में बेहोश पड़ा पाया और उनकी पत्नी घर के अंदर पड़ी थीं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को कीटनाशक की दो बोतल और तीन सुसाइड नोट मिले, जिनमें चिकित्सक ने अपने दर्द और अकेलेपन का कथित तौर पर वर्णन करते हुए कहा कि उनके इस कदम के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। (भाषा इनपुट के साथ)
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