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Islamic Fundamentalism Propaganda:भारत में आकर इस्लामिक कट्टरपंथ का कर रहे थे प्रचार, असम से 18 मुस्लिम गिरफ्तार

 Published : Sep 18, 2022 05:50 pm IST,  Updated : Dec 15, 2022 04:32 pm IST

Islamic Fundamentalism Propaganda: भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ का प्रचार करने आए 17 विदेशी मुसलमानों को असम से गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर धार्मिक कट्टरता की दृष्टि से लोगों को उपदेश देने की साजिश का आरोप है।

 Islamic Fundamentalism Propaganda- India TV Hindi
Islamic Fundamentalism Propaganda Image Source : INDIA TV

Highlights

  • पकड़े गए सभी आरोपी बांग्लादेशी नागरिक
  • 17 लोगों में से आठ पुलिस रिमांड पर
  • असम पुलिस ने धार्मिक उपदेश और वीजा नियम उल्लंघन मामले में दबोचा

 Islamic Fundamentalism Propaganda: भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ का प्रचार करने आए 17 विदेशी मुसलमानों को असम से गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर धार्मिक कट्टरता की दृष्टि से लोगों को उपदेश देने की साजिश का आरोप है। असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने रविवार को कहा कि पर्यटक वीजा के प्रावधानों का उल्लंघन कर ‘‘धार्मिक उपदेश देने’’ के मामले में प्रदेश के बिश्वनाथ जिले से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पकड़े गए सभी आरोपी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो धार्मिक उपदेश देने के इरादे से भारत आए थे। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि हालांकि अब तक इन लोगों के कट्टरपंथ के प्रसार में शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। मगर इन आरोपों को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है। अगर किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुल्ला उपदेशकों का असम में प्रवेश किया प्रतिबंधित

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पड़ोसी देश से 'मुल्लाओं' के पर्यटक वीजा पर राज्य में आने और कट्टरपंथी विचार फैलाने सहित धार्मिक उपदेशों में शामिल रहने के कई उदाहरण हैं। महंत ने बताया कि ऐसे कई उपदेशकों के असम में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस ने कहा कि एक ‘‘धार्मिक उपदेशक’’ समेत 17 बांग्लादेशियों को बिश्वनाथ जिले के बाघमारी इलाके से वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि 17 लोगों में से आठ फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि शेष को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

13 सितंबर को कूचबिहार से आए थे बिश्वनाथ
पकड़े गए आरोपी पश्चिम बंगाल के कूचबिहार से बस से 13 सितंबर को बिश्वनाथ पहुंचे थे। महंत ने कहा कि पुलिस को बाघमारी स्थित नदी के तटीय इलाकों में शुक्रवार को इन 17 बांग्लादेशियों द्वारा धार्मिक जलसा आयोजित किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जांच में पता चला कि वे लोग पर्यटन संबंधी गतिविधियों के लिए नहीं आए थे, हालांकि देश में उन्होंने प्रवेश पर्यटन वीजा पर किया था। राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘मैं नहीं कह रहा हूं कि वे लोग कट्टरपंथी उपदेश दे रहे थे, लेकिन वे लोग कुछ धार्मिक उपदेशों में शामिल थे, जो पर्यटन वीजा के प्रावधानों के खिलाफ है। हमने उन्हें वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘खासकर निचले असम और बराक घाटी इलाके में यह प्रचलन में है कि मौलवियों को पर्यटन वीजा पर धार्मिक उपदेश देने के लिए आमंत्रित किया जाता है और उनमें से कुछ कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं। इसलिए मामले की गहराई से पड़ताल करवाई जा रही है।

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