1. Hindi News
  2. क्राइम
  3. टैक्सी ड्राइवरों की हत्या कर मगरमच्छों को खिलाता था लाशें, हैरान कर देगी 'डॉक्टर डेथ' की कहानी, ऐसे पकड़ा गया

टैक्सी ड्राइवरों की हत्या कर मगरमच्छों को खिलाता था लाशें, हैरान कर देगी 'डॉक्टर डेथ' की कहानी, ऐसे पकड़ा गया

 Reported By: Kumar Sonu, Edited By: Khushbu Rawal
 Published : May 20, 2025 09:04 pm IST,  Updated : May 20, 2025 09:04 pm IST

'डॉक्टर डेथ' के नाम से कुख्यात सीरियल किलर देवेन्द्र शर्मा और उसके साथी फर्जी यात्राओं के लिए चालकों को बुलाते थे, उनकी हत्या कर देते थे और फिर उनके वाहनों को 'ग्रे मार्केट' में बेच देते थे। इसके बाद शव को हजारा नहर में फेंक दिया जाता था, ताकि कोई सबूत न बचे।

doctor death- India TV Hindi
सीरियल किलर देवेंद्र शर्मा दौसा के आश्रम से गिरफ्तार। Image Source : INDIA TV

दिल्ली पुलिस ने 'डॉक्टर डेथ' के नाम से कुख्यात एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले साल पैरोल पर छूटने के बाद फरार हो गया था। अपराधी को राजस्थान के दौसा स्थित एक आश्रम से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पुजारी बनकर रह रहा था। आयुर्वेद डॉक्टर से अपराधी बने 67-वर्षीय देवेन्द्र शर्मा को हत्या के कई मामलों में दोषी ठहराया गया था। वह जिन लोगों की हत्या करता था उनके शव यूपी के कासगंज स्थित उस हजारा नहर में फेंकने के लिए कुख्यात था, जिसके पानी में काफी संख्या में मगरमच्छ मौजूद होते हैं।

कोर्ट सुना चुका है मृत्युदंड की सजा

'डॉक्टर डेथ' के नाम से कुख्यात सीरियल किलर देवेन्द्र शर्मा को दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में सात अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और गुड़गांव की एक अदालत ने तो उसे मृत्युदंड की सजा भी सुनाई थी। डिप्टी पुलिस कमिश्नर आदित्य गौतम ने बताया कि देवेंद्र शर्मा 2002 से 2004 के बीच कई टैक्सी और ट्रक चालकों की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, लेकिन अगस्त 2023 में वह पैरोल पर छूटने के बाद से फरार था।

लंबी है क्राइम हिस्ट्री

गौतम ने बताया कि शर्मा और उसके साथी फर्जी यात्राओं के लिए चालकों को बुलाते थे, उनकी हत्या कर देते थे और फिर उनके वाहनों को 'ग्रे मार्केट' में बेच देते थे। इसके बाद शव को हजारा नहर में फेंक दिया जाता था, ताकि कोई सबूत न बचे। शर्मा पर हत्या, अपहरण और लूट के 27 से अधिक मामले दर्ज हैं। 1998 से 2004 के बीच अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट चलाने के लिए वह पहली बार कुख्यात हुआ था। उसने कई राज्यों में काम कर रहे डॉक्टरों और बिचौलियों की मदद से 125 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट की सुविधा देने की बात कबूल की थी।

5-7 लाख रुपये में होता था किडनी का सौदा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी मुलाकात डॉ. अमित से साल 1998 में हुई थी। डॉ. अमित ने दिल्ली, गुरुग्राम और कई अन्य शहरों में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का अड्डा बना रखा था। अमित ने उससे किडनी डोनर लाने को कहा। जब वे एक डोनर के लिए 5 से 7 लाख रुपए देने को तैयार हो गए तो देवेंद्र इसके लिए राजी हो गया। वह बिहार, बंगाल और नेपाल के गरीब लोगों को लालच देकर डॉ. अमित के पास लाता था। इन लोगों ने वर्ष 1998 से 2004 के बीच 125 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट किए। वर्ष 2004 में गुरुग्राम में किडनी रैकेट मामले में देवेंद्र और अमित को गिरफ्तार किया गया था।

यह भी पढ़ें-

मक्के के खेत में मिला आशा कार्यकर्ता का शव, रेप की आशंका; जांच में जुटी पुलिस

मुंबई में खौफनाक कांड: मां के बॉयफ्रेंड ने ढाई साल की बेटी से किया रेप, सच जान हैरान रह गई पुलिस

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। क्राइम से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।