उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां प्रधान ने खुलेआम दबंगई दिखाते हुए जमीनी विवाद को लेकर युवक की पहले लाठियों से जमकर पिटाई की। इसके बाद गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। युवक की हत्या के बाद गांव में तनाव फैल गया। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर ASP सहित भारी पुलिस पहुंच गया है। इस पूरे हत्याकांड की जांच तेज कर दी गई है।
योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या
ये पूरा मामला खागा थाना क्षेत्र के धरमंगदपुर (नरवा) गांव का है। मृतक के परिजनों ने गांव के वर्तमान प्रधान मदन उर्फ पवन सिंह, उनके परिवार तथा अन्य लोगों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि मृतक की योजनाबद्ध तरीके से पिटाई कर हत्या की गई है।
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर ही उठाए सवाल
पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना के बाद कानपुर निवासी रमेश सहगल द्वारा पुलिस को फोन से सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पीड़ित परिवार ने अब सवाल उठाया है कि जब परिवार खुद मृतक की तलाश कर रहा था, तब पुलिस को घटना की सूचना पहले कैसे मिल गई।
पहले से दी जा रहीं थीं धमकियां
परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष को कानपुर निवासी रमेश सहगल का संरक्षण प्राप्त था। गांव में लगातार धमकियां दी जा रही थीं। परिजनों ने मांग की है कि पुलिस उस मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल जांचे, जिससे घटना की सूचना दी गई थी, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके और आरोपियों तक पहुंचना आसान हो।
वायरल हुई फेसबुक की पोस्ट
बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही हाल ही में रमेश सहगल द्वारा सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक पर एक पोस्ट वायरल की गई थी। इस पोस्ट में वर्तमान प्रधान पवन सिंह के साथ संगठनात्मक संबंधों का उल्लेख किया गया था। इस पहलू को लेकर भी गांव में चर्चाएं तेज हैं।
जानिए क्या बोली पुलिस की टीम
जानकारी के अनुसार, प्रधान पक्ष के साथ मृतक का जमीनी विवाद था। इसके चलते कई बार मामले पर कहासुनी और मारपीट भी हो चुकी थी। वहीं, मामले पर पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया की जांच के दौरान पता चला कि मृतक पक्ष एवं ग्राम प्रधान मदन लोधी के मध्य भूमि विक्रय एवं दाखिल-खारिज को लेकर पूर्व से विवाद चल रहा था। दिनांक 07 मई (गुरुवार) को भी मृतक के भाई के साथ मदन लोधी एवं उसके सहयोगियों द्वारा मारपीट की घटना हुई थी, जिसके संबंध में मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर शुक्रवार (08 मई) को 4 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया था। शव को पोस्टमार्टम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उमेश चंद्रा की रिपोर्ट
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