कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। बर्रा थानाक्षेत्र के हरदेव नगर में शुक्रवार शाम एक 6 साल के मासूम बच्चे का अपहरण कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि बच्चे की मां का प्रेमी था, जो उसे चॉकलेट का लालच देकर घर के बाहर से ले गया। लेकिन वो उस मासूम को साथ लेकर नही लौटा, बल्कि उसकी हत्या कर के शव को फेंक आया, लेकिन CCTV ने उसकी मंशा पर पानी फेर दिया।
पुलिस ने फुटेज के आधार पर पास की ही पांडु नदी से मासूम बच्चे का शव बरामद किया है और फरार आरोपी की तलाश में 3 टीमों को लगा दिया, जिसके बाद देर रात बर्रा पुलिस और क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े आरोपी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गयी, जिसमे जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने आरोपी का हाफ एनकाउंटर कर दिया, जिसके बाद आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।
चॉकलेट का लालच बना काल: मासूम की जिंदगी छीनने की कहानी
जानकारी के अनुसार बर्रा थानाक्षेत्र के हरदेव नगर के स्नेह चौराहे पर शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे 6 साल का आयुष सोनकर अपने घर के बाहर खेल रहा था। उसी दौरान पड़ोस में रहने वाला शिवम सक्सेना (22) उसे चॉकलेट और टॉफी का लालच देकर अपने साथ ले गया, सीसीटीवी फुटेज में शिवम बच्चे को स्नेह चौराहे से अर्रा की ओर ले जाता दिखा। इसके बाद वह आयुष को ऑटो से पांडु नहर के पास ले गया, जहां उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को नहर किनारे फेंक दिया।
आयुष की मां ममता ने बताया, "शाम को जब मेरे पति माखन घर आए, उन्होंने आयुष को बुलाया। उसने कहा कि वह थोड़ी देर में आएगा, लेकिन फिर वह लौटा ही नहीं। हमने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।" परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके बाद जो कहानी सामने आई उसने सबके होश उड़ा दिए ।
सीसीटीवी ने खोला राज: हत्यारा निकला परिचित
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा उस वक़्त हुआ जब हत्या की तफ्तीश के दौरान पुलिस के हाथ लगे सीसीटीवी की फुटेज में शिवम सक्सेना आयुष को अपने साथ ले जाता दिखा, लेकिन वापस लौटते समय वह अकेला था। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया, "हमने तीन टीमें गठन कीं और इलाके की सघन तलाशी शुरू की। एक फुटेज में शिवम बच्चे के साथ जाता दिखा। इसके बाद हमने पांडु नदी के पास तलाशी ली, जहां आयुष का शव मिला।" पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि हत्या गला दबाकर की गई। आरोपी शिवम हत्या के बाद फरार हो गया था, पुलिस की तीन अलग अलग 3 टीमें आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही थी इसी दौरान पुलिस को देर रात आरोपी के शहर छोड़कर भागने की गुप्त सूचना मिली, पुलिस ने बिना देर किए आरोपी को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम रवाना की लेक़िन जैसे ही पुलिस पहुंची तो आरोपी ने पुलिस पर हमला कर दिया जिसपर पुलिस की जवाबी कार्यवाही में आरोपी शिवम का हाफ एनकाउंटर कर दिया गया ।
प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण ?
जांच में सामने आया कि आयुष का परिवार और शिवम का परिवार एक ही मकान में किराए पर रहते थे। माखन सोनकर, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, अपनी पत्नी ममता और तीन बच्चों के साथ हरदेव नगर में रहते हैं। दूसरी ओर, शिवम सक्सेना अपने माता-पिता और बहन के साथ उसी मकान में रहता था। पुलिस के मुताबिक, शिवम का ममता के साथ प्रेम संबंध था और दोनों परिवारों में इस बात को लेकर अक्सर तनाव रहता था। डीसीपी दीपेंद्र नाथ ने बताया, "शिवम का ममता पर गलत नजर रखने का आरोप है। प्रेम प्रसंग की भी बात सामने आरही है, दोनों परिवारों में पहले भी विवाद हो चुके थे। यह हत्या का एक संभावित कारण हो सकता है।" हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही हत्या का सटीक कारण स्पष्ट होगा।
परिवार में मातम, समाज में आक्रोश
आयुष की हत्या की खबर से हरदेव नगर में गम और गुस्से का माहौल है। माँ ममता और पिता माखन का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग इस क्रूर घटना से स्तब्ध हैं और आरोपी पर सख्त कार्यवाही की मांग कर रहे हैं, पुलिस ने बताया कि शिवम दादा नगर की एक फैक्ट्री में काम करता था और फतेहपुर का रहने वाला है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
डीसीपी साउथ ने कहा, "हम सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं, आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है, जिसके बाद अब आरोपी से गहन पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पर सख्त कार्यवाही होगी।" इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और परिचितों पर अंधविश्वास के खतरों को उजागर किया है। समाज में इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया जा रहा है।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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