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फर्जी WhatsApp के लिए ओटीपी बेचने वाला सिम कार्ड विक्रेता गिरफ्तार

 Written By: IANS
 Published : Jul 18, 2020 09:30 pm IST,  Updated : Jul 18, 2020 09:30 pm IST

आरोपी अवैध रूप से प्राप्त मोबाइल नंबर का प्रयोग भुवनेश्वर स्थित एक व्यापारी को देने के लिए करता था, जिससे बड़ी संख्या में वन टाइम पासवर्ड बेचकर फर्जी वाट्सअप अकाउंट बनाए जाते थे। 

OTP seller SIM card vendor arrested for fake WhatsApp  फर्जी WhatsApp के लिए ओटीपी बेचने वाला सिम का- India TV Hindi
फर्जी WhatsApp के लिए ओटीपी बेचने वाला सिम कार्ड विक्रेता गिरफ्तार Image Source : INDIA TV

लखनऊ/नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश पुलिस ने शुक्रवार को एक सिम कार्ड बेचने वाले दुकानदार को फर्जी तरीके से बड़ी संख्या में एयरटेल, वोडाफोन और रिलायंस-जियो सिम कार्ड्स और ओटीपी बेचने के लिए गिरफ्तार किया। इन फर्जी ओटीपी से फर्जी वाट्सअप अकाउंट बनाए जाते थे। हाल ही में, खुफिया एजेंसियों ने पता लगाया था कि बड़ी संख्या में भारतीय मोबाइल नंबरों का प्रयोग आईएसआई पाकिस्तान में वाट्सएप अकाउंट चलाने के लिए करती है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मिलिट्री इंटिलिजेंस(एमआई), अयोध्या जिला पुलिस की फैजाबाद कैंटोनमेट पुलिस स्टेशन ने शुक्रवार को एक रिलायंस-जियो सिम कार्ड विक्रेता शिव पूजन पांडेय को इस फर्जीवाड़े के लिए फैजाबाद से गिरफ्तार किया। एमआई अधिकारियों को हाल के समय में संदिग्ध वाट्सएप संदेशों को पता चला था। ये संदेश पश्चिमी यूपी में कई मोबाइल फोनों में आए थे, जिसमें कुछ सेना के जवान भी शामिल हैं। परिणामस्वरूप, एमआई अधिकरियों द्वारा एक संयुक्त जांच किया गया।

जांच के दौरान पता चला कि, एक मोबाइल हैंडसेट(लावा) के डिजिटल सिग्नेचर को फैजाबाद के इनायत नगर क्षेत्र से कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों द्वारा प्रयोग किया गया। 

सघन जांच करने के बाद, मुख्य संदिग्ध के रूप में पूर्वी यूपी के सुल्तानपुर के मदनपुर निवासी शिव पूजन पांडेय के बारे में पता चला। यह पाया गया पांडेय चार मोबाइल नंबरों का प्रयोग करता था और किराये के घर में फैजाबाद के इनायत नगर में रहता था। यह वही जगह है जहां पहले टीम ने संदिग्ध सेलुलर सिग्नेचर की पहचान की थी। पांडेय को गुरुवार रात को गिरफ्तार किया गया।

प्रारंभिक जांच में पांडेय ने स्वीकार किया कि वह आधार कार्ड वाले मौजूदा ग्राहक के बिनाह पर लगभग 350 सिम कार्ड अपने पास रखने में सफल रहा, जिसका उपयोग वह अवैध मोबाइल सब्सक्रिप्शन के लिए करता था। इसके लिए वह उनसे अतिरिक्त अंगूठे का निशान लेता था। यह माना जा रहा है कि आरोपी आधार कार्ड वाले वास्तविक ग्राहक से अतिरिक्त अंगुठे का निशान ले लेता था और इसके आधार पर वह अतिरिक्त कार्ड जारी करता था।

आरोपी अवैध रूप से प्राप्त मोबाइल नंबर का प्रयोग भुवनेश्वर स्थित एक व्यापारी को देने के लिए करता था, जिससे बड़ी संख्या में वन टाइम पासवर्ड बेचकर फर्जी वाट्सअप अकाउंट बनाए जाते थे। वह अवैध नंबर रखने और ओटीपी बेचने का काम करीब पांच महीने से कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक लैपटाप, पांच स्मार्टफोन, पांच सामान्य फोन, 25 आधार कार्ड, दो वोटर कार्ड, 28 बिना प्रयोग वाले जियो सिम, 160 प्रयोग में लाए गए जियो सिम इत्यादि जब्त किए हैं।

ओडिशा का संदिग्ध दिनेश लधानिया एक व्यापारी है। भुवनेश्वर के लक्ष्मी नगर का रहने वाला यह आरोपी बीते तीन माह से अपने क्लाइंट्स के लिए वाट्सअप से विज्ञापन का काम करता था। वह सॉफ्टवेयर से वाट्सअप अकाउंट बनाता था और अपने क्लाइंट की सेवा या उत्पाद को प्रमोट करने के लिए एकसाथ में वाट्सअप संदेश भेजा करता था।

एकसाथ कई संदेश को भेजने के लिए, उसे कई लोगों के वाट्सअप अकाउंट की जरूरत पड़ती थी। वह सिम विक्रेता से मोबाइल नंबर की सूची मंगाता था और सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके वाट्सअप अकाउंट बनाता था। यह ओटीपी पांडे जैसे विक्रेता के पास जाती थी, जोकि सिमकार्ड का वास्तविक मालिक होता था। और फिर वह लधानिया को वाट्सअप से ओटीपी भेजता था। प्रत्येक ओटीपी के लिए वह विक्रेता को 8 से 10 रुपये देता था।

लधानिया को हालांकि किसी भी देशविरोधी गतिविधि में संलिप्त नहीं पाया गया है। वहीं सूत्रों ने कहा कि पांडेय को स्पष्ट रूप से कानून के दुरुपयोग करने के लिए कई मामलों में नामजद किया गया है। उसे जल्द ही अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

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