सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद कस्बे में शुक्रवार शाम एक युवक के साथ दिल दहला देने वाली घटना घटी। बदमाशों ने पुरानी रंजिश के चलते उसे अपहरण कर लिया और सुनसान इलाके में ले जाकर करीब एक घंटे तक क्रूरता से पीटा। बेल्टों की मार, लात-घूंसे और अपशब्दों की बौछार से पीडि़त की हालत गंभीर हो गई। उसे तत्काल नागौद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि चोटें गंभीर हैं और पूर्ण जांच के बाद इलाज जारी रहेगा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने फौरन संज्ञान लिया। नागौद थाने में दो मुख्य आरोपियों हर्षित सिंह और सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं। इस मामले में आईपीसी की धारा 365 (अपहरण), 323 (मारपीट) और अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
बहाने से कार में बिठाया और वीरान स्थान पर पिटाई की
नागौद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार, पीडि़त शुक्रवार करीब साढ़े पांच बजे दिलीप सिंह की आरा मशीन के पास खड़ा था। इसी दौरान आरोपी हर्षित और सिद्धार्थ वहां पहुंचे। काम का झूठा बहाना बनाकर उन्होंने युवक को अपनी कार में बिठा लिया और ईदगाह रोड के पास एक वीरान स्थान पर ले गए। गाड़ी से उतरते ही पुराने विवाद का हवाला देकर उन्होंने हमला बोल दिया। पहले बेल्टों से पीटा, फिर लात-घूंसे बरसाए। मारपीट के दौरान आरोपी लगातार गालियां देते रहे, जिससे पीडि़़त का अपमान और गहरा हो गया।
लगातार पीटते रहे आरोपी
शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस घटना को और सनसनीखेज बना दिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि तीन युवक पीडि़त युवक मुकुंद दहिया को जमीन पर घेरकर बिठाए हुए हैं। वे उसे चांटे मारते हैं, बेल्ट से कोड़े लगाते हैं, लातें ठोकते हैं। एक आरोपी तो चप्पल उतारकर पीटने लगता है। पीडि़त मुकुंद दहिया दर्द से कराहता नजर आता है, लेकिन बदमाशों का क्रोध थमने का नाम नहीं लेता।
झगड़े में बीच-बचाव बनी वजह
पीडि़त मुकुंद दहिया के बयान से पता चला कि यह हमला 3 फरवरी को हुए एक छोटे विवाद से उपजा है। उस दिन सचिन वर्मा और अंकित सिंह के बीच झगड़ा हो रहा था, जिसमें पीडि़त ने बीच-बचाव करने की कोशिश की थी। इसी दखलंदाजी को लेकर हर्षित और सिद्धार्थ ने रंजिश पाल ली। पीड़ित मुकुंद दहिया ने बताया, मैंने तो शांति बनाए रखने की कोशिश की थी, लेकिन वे बदला लेने पर तुले थे। अब मेरी जिंदगी खतरे में है।
रिपोर्ट- अमित त्रिपाठी, सतना