नई दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-4 अभी तक लागू नहीं हुआ है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेप-4 लागू करने की खबरों का खंडन किया है। सीएक्यूएम ने कहा कि संज्ञान में यह आया है कि कुछ समाचार चैनल और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म जीआरएपी के चरण-IV को लागू करने के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित कर रहे हैं, जोकि गलत है।
आयोग ने कहा कि वर्तमान में मौजूदा जीआरएपी का चरण-III पूरे दिल्ली-एनसीआर में लागू है। हितधारकों और जनता को सलाह दी जाती है कि वे एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट/प्रेस विज्ञप्ति पर ही भरोसा करें।
ग्रेप-4 लागू होने पर लगेगा ये प्रतिबंध
- दिल्ली में डीजल ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगेगा। दिल्ली के बाहर पंजीकृत निजी वाणिज्यिक डीजल और पेट्रोल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगेगा।
- सड़क, राजमार्ग और फ्लाईओवर और सार्वजनिक परियोजनाओं के निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियां भी बंद रहेगी।
- वाहनों के बोझ को कम करने के लिए सरकारी और निजी दोनों कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत घर से काम करने का निर्देश।
- एनसीआर में सरकारें छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं बंद कर सकती हैं या ऑनलाइन क्लास का आदेश दे सकती हैं।
बता दें कि दिल्ली में गैप-3 अभी भी लागू है। तीसरे चरण के उपायों में गैर-आवश्यक निर्माण और तोड़ फोड़ गतिविधियों पर प्रतिबंध, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण को तेज करना और सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाना शामिल है। जीआरएपी के चौथे चरण में प्रतिबंध कहीं अधिक व्यापक हो जाते हैं।
ग्रैप दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए लागू किए गए आपातकालीन उपायों का एक समूह है। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा लागू किया जाता है। ग्रैप को एक्यूआई की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग चरणों में लागू किया जाता है - पहला चरण (खराब), दूसरा चरण (बहुत खराब), तीसरा चरण (गंभीर) और चौथा चरण (बेहद गंभीर)।