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बीजेपी नेता ने अफ्रीकी नागरिक को दी चेतावनी- "हिंदी सीखो वरना...", विवाद बढ़ने पर दी सफाई

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Dec 22, 2025 10:56 pm IST,  Updated : Dec 22, 2025 11:03 pm IST

बीजेपी पार्षद अफ्रीकी मूल के एक नागरिक को हिंदी सीखने की धमकी देती नजर आईं। वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया। इस पूरे मामले पर रेनू चौधरी ने स्पष्टीकरण जारी किया है।

बवाल बढ़ने के बाद भाजपा पार्षद ने स्पष्टीकरण जारी किया।- India TV Hindi
बवाल बढ़ने के बाद भाजपा पार्षद ने स्पष्टीकरण जारी किया। Image Source : INSTAGRAM SCREENGRAB

देश की राजधानी दिल्ली में एक बीजेपी पार्षद द्वारा अफ्रीकी मूल के एक नागरिक को हिंदी सीखने की धमकी देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पटपड़गंज वार्ड (197) से पार्षद रेनू चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह सार्वजनिक पार्क में फुटबॉल सिखाने वाले एक विदेशी कोच को एक महीने का अल्टीमेटम देती नजर आ रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

वायरल वीडियो में पार्षद रेनू चौधरी एक पार्क के अंदर अफ्रीकी नागरिक को टोकते हुए कह रही हैं, "तुमने अभी तक हिंदी क्यों नहीं सीखी? अगर एक महीने के अंदर तुमने हिंदी नहीं सीखी, तो तुम्हें इस पार्क में घुसने नहीं दिया जाएगा।" जब वहां मौजूद लोग इस बात को मजाक समझकर हंसने लगे, तो पार्षद ने कड़े लहजे में कहा, "यह हंसने वाली बात नहीं है, मैं सीरियस हूं। मैंने इसे आठ महीने पहले भी चेतावनी दी थी। अगर आप इस देश में रहकर पैसा कमा रहे हैं, तो आपको इस देश की भाषा भी आनी चाहिए।" बताया जा रहा है कि संबंधित विदेशी नागरिक पिछले 15 वर्षों से भारत में रह रहा है और बच्चों को फुटबॉल की कोचिंग देता है।

विवाद बढ़ा तो दी सफाई

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और लोगों की नाराजगी के बाद रेनू चौधरी ने एक स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि उनका मकसद किसी को धमकाना नहीं था, बल्कि संवाद की समस्या को दूर करना था। पार्षद के मुताबिक, पार्क की देखरेख करने वाले नगर निगम (MCD) के कर्मचारी अंग्रेजी नहीं समझते। ऐसे में कोच के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत होती है।

उन्होंने दावा किया कि यह एक सार्वजनिक पार्क है और कोच वहां बच्चों से फीस लेकर फुटबॉल सिखाते हैं। आठ महीने पहले उनसे निगम को रेवेन्यू देने की बात कही गई थी, लेकिन भाषा न समझ आने का हवाला देकर इसे टाल दिया गया। पार्षद ने कहा, "मैंने उन्हें बेसिक हिंदी सीखने के लिए ट्यूटर दिलाने की पेशकश भी की थी और उसका खर्च खुद उठाने को कहा था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।"

"देश की भाषा सीखने में कोई बुराई नहीं"

पार्षद रेनू चौधरी ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैंने जो कुछ भी कहा वह गलत था। हमारे देश में ज्यादातर लोग हिंदी बोलते हैं, इसलिए विदेशियों के लिए भाषा सीखने में कोई बुराई नहीं है।"

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