बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिजाब खींचने की घटना को लेकर चर्चा में आई आयुष चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन ने निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी अपना पदभार ग्रहण नहीं किया है। इस बीच, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों की ज्वॉइनिंग की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है।
20 दिसंबर थी आखिरी तारीख
राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए पहले निर्धारित अंतिम तिथि 20 दिसंबर थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया है। विभाग ने इस तिथि तक योगदान नहीं करने वाले आयुष चिकित्सकों का दावा समाप्त हो जाने की बात कही है।
क्या है हिजाब विवाद का मामला?
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा हिजाब विवाद 15 दिसंबर को तब शुरू हुआ जब पटना के 'संवाद' कक्ष में नवनियुक्त आयुष (AYUSH) चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण करने का एक सरकारी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस समारोह के दौरान मंच पर जब एक मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन अपना नियुक्ति पत्र लेने पहुंची, तो नीतीश कुमार ने चेहरे की ओर हाथ बढ़ाया और नकाब को खींचकर हटा दिया। इस दौरान नीतीश कुमार को यह कहते सुना गया, "यह क्या है?"
इस अचानक हुई हरकत ने मंच पर मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया। पास ही खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तुरंत हस्तक्षेप किया और मुख्यमंत्री का हाथ पकड़कर उन्हें रोकने की कोशिश की, जबकि अन्य अधिकारी महिला डॉक्टर को तुरंत किनारे ले गए। महिला डॉक्टर इस घटना से काफी असहज हो गई। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
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