दिवाली की रोशनी और पटाखों की गूंज के बीच दिल्ली में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आईं। दिल्ली दमकल सेवा को दिवाली की रात आग लगने संबंधी 269 फोन आए। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि हालांकि आग लगने संबंधी घटनाओं में किसी की जान जाने या किसी के घायल होने सहित किसी बड़ी घटना की कोई सूचना नहीं थी।
रात भर तैनात रहे दमकलकर्मी
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि विभाग पूरे त्योहार के दौरान हाई अलर्ट पर था और सभी दमकल केंद्रों एवं त्वरित प्रतिक्रिया टीम को पूरे शहर में तैनात किया गया था। अधिकारी ने बताया, ‘‘हमें मध्यरात्रि तक आग लगने संबंधी 269 फोन आए। सौभाग्य से कहीं कोई बड़ी घटना नहीं थी।’’ उन्होंने बताया कि फोन पर मिली अधिकतर सूचनाएं पटाखों और दीयों से छोटी-मोटी आग लगने से संबंधित थीं। डीएफएस ने पहले ही अपने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी थीं और यह सुनिश्चित किया था कि सभी वाहनों और अग्निशमन उपकरणों की जांच की जाए और उन्हें तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले साल डीएफएस को दिवाली की रात 200 से अधिक ‘कॉल’ आए थे।
नरेला में जूते की फैक्ट्री में आग, दमकल की 16 गाड़ियां पहुंची
दिवाली के मौके पर दिल्ली के नरेला इलाके में चार मंजिला जूते की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। आसमान में दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा था। खबर पाकर मौके पर दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू की लेकिन आग इतनी विकराल थी कि काबू में ही नहीं आ रही थी। दमकल विभाग की कुल 16 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया जो कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सकी। आग में जूते की फैक्ट्री तो पूरी तरह जलकर खाक हो गई लेकिन राहत की बात ये रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
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