दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म उदयपुर फाइल्स की रिलीज मामले में कहा कि जब तक प्रमाणन नहीं हो जाता, फिल्म प्रदर्शित नहीं की जा सकती। इसलिए अब इस मामले की सुनवाई बुधवार को करेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी आरोपी की ओर से पेश हुईं। उन्होंने कोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभी तक जारी नहीं हुआ है। वहीं, एएसजी चेतन शर्मा, सेंसर बोर्ड (CBFC) की ओर से पेश हुए और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया निर्माता की ओर से पेश हुए।
कोर्ट ने कहा कि हमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभी देखना है। एक मामले में आज स्थगन की मांग है। बाद में कोर्ट को बताया गया कि आदेश अपलोड हो गया है। कोर्ट ने कहा कि अगर एक मामले में स्थगन मांगा गया है, तो सभी मामलों की एक साथ सुनवाई होगी।
अदालत ने मेनका गुरुस्वामी से क्या पूछा?
क्या आपने भी धारा 6 (Section 6) का हवाला दिया है?
21 जुलाई के आदेश के अनुसार क्या फिल्म का फिर से प्रमाणन (recertification) हुआ है?
कोर्ट ने एएसजी शर्मा से क्या पूछा?
कोर्ट ने एएसजी शर्मा से पूछा कि क्या फिल्म को फिर से प्रमाणित किया गया है? एएसजी शर्मा ने कहा कि कुछ कट्स के साथ फिल्म को मंजूरी दी गई है।
वहीं, वकील भाटिया ने कहा कि छह कट्स और एक डिस्क्लेमर जोड़ा गया है। लेकिन प्रमाणपत्र अभी लंबित है।
'घबराएं नहीं, आराम से तर्क रखें'
कोर्ट ने कहा कि घबराएं नहीं, आराम से तर्क रखें। हम बस यह जानना चाहते हैं कि आपने पुनः प्रमाणन के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभी तक प्रमाणन नहीं हुआ है। बिना प्रमाणन के फिल्म प्रदर्शित नहीं की जा सकती। अदालत ने कहा कि आज कोई जल्दबाजी नहीं है, हम इस मामले की सुनवाई बुधवार को करेंगे।