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दिल्ली के करोल बाग में नकली मोबाइल फैक्ट्री का खुलासा, पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Nov 28, 2025 02:19 pm IST,  Updated : Nov 28, 2025 02:19 pm IST

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन ‘साइबरहॉक’ के तहत करोल बाग में नकली मोबाइल फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गैंग पुराने फोन में चाइनीज सॉफ्टवेयर से IMEI बदलकर उन्हें नए मोबाइल की तरह बेच रहा था। 1826 मोबाइल बरामद हुए और चाइना लिंक व टेरर एंगल की जांच जारी है।

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दिल्ली पुलिस ने करोल बाग से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। Image Source : REPORTER INPUT

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन 'साइबरहॉक' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोल बाग के मोबाइल हब में फर्जी मोबाइल फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 1826 मोबाइल फोन बरामद किए। यह गैंग चाइनीज सॉफ्टवेयर और IMEI नंबर बदलकर पुराने मोबाइलों को नए फोन की तरह बाजार में सप्लाई करता था। बरामद मोबाइल फोनों ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि ये नॉन-ट्रेसेबल चाइनीज IMEI नंबरों से लैस थे, यानी ऐसे मोबाइल जिन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल है।

चाइना लिंक और टेरर एंगल की जांच तेज

पुलिस की जांच में इस गिरोह में एक चाइनीज शख्स की भूमिका भी सामने आई है, जिसके बाद चीन के लिंक और टेरर एंगल की जांच तेज कर दी गई है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के करोल बाग पुलिस स्टेशन की टीम ने फर्जी मोबाइल बनाने वाली यूनिट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इनके पास से 1826 तैयार और आधे-तैयार मोबाइल फोन, लैपटॉप, चाइनीज सॉफ्टवेयर, IMEI स्कैनर, मोबाइल बॉडी पार्ट्स और प्रिंटेड IMEI लेबल बरामद किए हैं। करोल बाग के बीडनपुरा की गली नंबर 22 की बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर यह मोबाइल फोन असेंबलिंग और IMEI नंबर से छेड़छाड़ का अवैध धंधा चल रहा था।

'गैंग लीडर अशोक अक्सर चीन आता-जाता था'

20 नवंबर को पुलिस टीम ने आदित्य इलेक्‍ट्रोनिक्‍स एंड एक्‍सेसरीज नाम की शॉप पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान 5 लोग पुराने मोबाइल मदरबोर्ड लेकर उन्हें नए बॉडी पार्ट्स में फिट कर रहे थे। पुलिस ने जिन 5 लोगों को गिरफ्तार किया, वो सभी दिल्ली के रहने वाले हैं। इनका लीडर अशोक है, जो अपने चाइनीज दोस्त के साथ मिलकर करोल बाग में यह अवैध मोबाइल फैक्ट्री चला रहा था। सेंट्रल दिल्ली के डीसीपी निधिन वलसन ने बताया, 'पुलिस की जांच में इस पूरे गैंग के तार चाइना से जुड़ रहे हैं। गैंग लीडर अशोक अक्सर चीन आता-जाता रहता है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ चाइनीज लोग भी यहां आते-जाते थे। पुलिस अब इस गैंग के चाइनीज कनेक्शन को खंगालने में लगी है।'

गिरफ्तार आरोपियों ने किए चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ये लोग पुराने मोबाइल और मदरबोर्ड स्क्रैप डीलरों से खरीदते थे। स्क्रैप मार्केट से पुराने, चोरी के मोबाइल सस्ते दामों में खरीदते थे। नए मोबाइल के पार्ट्स चीन से मंगाए जाते थे। इसके बाद यहां पर मोबाइल की असेंबलिंग की जाती है और चाइनीज सॉफ्टवेयर से पुराने IMEI नंबर को बदलकर फेक IMEI नंबर डाल देते थे। चाइनीज सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI नंबर बदलकर नकली IMEI डाल दिया जाता था। इसके बाद फोन की पैकिंग कर बाजारों में बेच दिया जाता था। ये फोन करोल बाग के गफ्फार मार्केट के अलावा दिल्ली-एनसीआर के दूसरे मोबाइल मार्केट में अलग-अलग चैनलों से बेचे जाते थे।

दिल्ली पुलिस हर एंगल की कर रही है जांच

पार्ट्स सप्लायर के जरिए हजारों मोबाइल बॉडी शिपमेंट के रूप में चीन से आते थे। यह गैंग पिछले दो साल से चोरी, लूट, साइबर फ्रॉड और अन्य अपराधों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन तैयार कर रहा था। ये फोन अपराधियों की पहली पसंद होते हैं, क्योंकि IMEI बदलने के बाद इन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली पुलिस अब इन आरोपियों से ये पता करने की कोशिश कर रही है कि ये लोग फोन का IMEI बदलने के बाद किन-किन लोगों को बेचते थे। क्या ये मोबाइल फोन दिल्ली-एनसीआर में ही बेचे जा रहे थे या फिर देश के दूसरे राज्यों में भी इनका नेटवर्क एक्टिव है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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