नई दिल्ली: तिहाड़ जेल में बंद गैंगेस्टर नीरज बवानिया से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। नीरज बवानिया को एक दिन की कस्टडी पेरोल मिली है। नीरज की पत्नी काफी बीमार है, जिसको देखने के लिए मंगलवार को नीरज को तिहाड़ जेल से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की पेरोल मिली है। नीरज की पत्नी RLKC मेट्रो हॉस्पिटल, पांडव नगर में ICU में भर्ती है।
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गैंगस्टर नीरज बवानिया कौन है?
नीरज सहरावत, जिसे नीरज बवानिया के नाम से जाना जाता है, दिल्ली-एनसीआर का एक कुख्यात अपराधी है, जिसे लोग "दिल्ली का दाऊद" भी कहते हैं। वह दिल्ली के बवाना गांव का मूल निवासी है और अपने गांव के नाम को अपने उपनाम के रूप में इस्तेमाल करता है। वर्तमान में वह तिहाड़ जेल में बंद है, लेकिन जेल की सलाखों के पीछे से भी अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित करता है।
नीरज ने 2004 में, लगभग 18 वर्ष की आयु में अपराध की दुनिया में प्रवेश किया। शुरू में वह छोटे-मोटे अपराध जैसे छिनैती और मारपीट में शामिल था, लेकिन जल्द ही उसने हत्या, फिरौती, और अवैध वसूली जैसे गंभीर अपराधों में अपनी पकड़ बनाई। उसका गैंग दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में सक्रिय है, जिसमें 100 से अधिक अपराधी और कई प्रशिक्षित शार्प शूटर शामिल हैं। गैंग के पास अत्याधुनिक हथियार, जैसे अमेरिकी ऑटोमैटिक बंदूकें, होने की भी जानकारी है।
तमाम मामले दर्ज
नीरज के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, और जमीन हड़पने जैसे अपराधों के तमाम मामले दर्ज हैं। वह अपने गैंग के जरिए दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता है। 2024 में दिल्ली पुलिस ने उसके गैंग के कई सदस्यों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।
2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद नीरज का गैंग चर्चा में आया, क्योंकि मूसेवाला का संबंध बंबीहा गैंग से था, जिसे नीरज समर्थन देता है। उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बदले की धमकी दी थी।
नीरज का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी सुरेंद्र मलिक उर्फ नीतू दाबोदा था। नीरज के गैंग ने नीतू के कई साथियों को मार डाला, और 2013 में नीतू दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया। 2015 में, नीरज ने जेल वैन में नीतू गैंग के दो सदस्यों, पारस और प्रदीप भोला, की हत्या कर दी। नीरज का गैंग दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में फिरौती, हत्या, और गोलीबारी जैसी घटनाओं में सक्रिय है। हाल ही में, 30 जून 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए एक दिन की कस्टडी पैरोल दी है।