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Mangolpuri Seat Election Results: मंगोलपुरी सीट पर इस नेता मारी बाजी, इतने वोटों से दर्ज की जीत

 Edited By: Adarsh Pandey
 Published : Feb 08, 2025 07:40 am IST,  Updated : Feb 08, 2025 03:22 pm IST

Mangolpuri Seat Results: दिल्ली की मंगोलपुरी सीट को आम आदमी पार्टी का गढ़ माना जाता है। पिछले 3 विधानसभा चुनावों से आम आदमी पार्टी इस सीट पर अपनी जीत दर्ज करती आई थी मगर इस बार बाजी पलट गई।

मंगोलपुरी सीट के चुनाव रिजल्ट लाइव- India TV Hindi
मंगोलपुरी सीट के चुनाव रिजल्ट लाइव Image Source : INDIA TV

दिल्ली में विधानसभा की कुल 70 सीटें हैं। इन सभी सीटों पर बीते 5 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी और आज यानी 8 फरवरी को इन सीटों पर हुई वोटों की गिनती भी हुई जिसमें से कई सीटों के नतीजे सामने आ गए हैं और उसमें से एक सीट मंगोलपुरी की भी है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच में देखने को मिला। इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अपने पुराने उम्मीदवार को बदलते हुए इस सीट से राकेश जाटव धर्मरक्षक को मैदान में उतारा था और वहीं भाजपा ने राजकुमार चौहान और कांग्रेस ने हनुमान चौहान को चुनावी मौदान में उतारा। इन तीनों के बीच कांटे की टक्कर रही मगर अंतर में भाजपा के नेता राजकुमार चौहान ने बाजी मार ली। उन्होंने आप नेता राकेश जाटव धर्मरक्षक को 6,255 वोटों के अंतर से हराया।

2020 और 2015 में कैसे थे नतीजे

मंगोलपुरी दिल्ली के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है और ये एक SC सीट है। इस सीट पर AAP, BJP मुख्य दल हैं। 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में AAP की राखी बिड़ला ने 30,116 वोटों के अंतर से इस सीट पर जीत हासिल की थी। उन्हें 58.53% वोट शेयर के साथ 74,154 वोट मिले थे। उन्होंने BJP के करम सिंह कर्मा को  हराया था। वहीं 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो तब भी आम आदमी पार्टी की राखी बिड़ला ने ही इस सीट से जीत हासिल की थी। 2015 के विधानसभा चुनाव में राखी बिड़ला को 46.94% वोट शेयर के साथ 60,534 वोट मिले थे। तब उन्होंने कांग्रेस के राज कुमार चौहान को हराया था।

मंगोलपुरी का क्या है इतिहास?

दिल्ली के मंगोलपुरी से जुड़ी एक रोचक कहानी है। भारत पर विदेशियों के कई आक्रमण हुए, जिसमें मंगोलों के हमले भी शामिल हैं। मंगोलियों ने 1297 से 1306 तक दिल्ली सल्तनत और भारत पर कई हमले किए। इस दौरान दिल्ली सल्तनत पर जलालुद्दीन फिरोज खिलजी बैठे थे। मंगोलों ने जब तीसरी बार हमला किया तो उनके कुछ सैनिक वापस नहीं लौटे। इन मंगोली सैनिकों ने सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी से दिल्ली में रहने के लिए शरण मांगी, जिसपर खिलजी ने शर्त रखी कि अगर ये सैनिक इस्लाम धर्म कबूल कर लेंगे तो उन्हें दिल्ली में शरण मिल जाएगी। कुछ मंगोलियों ने ये शर्त मान ली। जिसके बाद सुल्तान ने उन मंगोली सैनिकों के लिए एक शहर बसाया, जिसका नाम मंगोलपुर रखा गया। यही मंगोलपुर आज का मंगोलपुरी है।

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