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दिल्ली: हिंदू कॉलेज में एग्जाम के दौरान नकल करते हुए पकड़े गए 4 छात्र, 39 लोगों के पास से मोबाइल भी बरामद

 Reported By: Kumar Sonu Edited By: Rituraj Tripathi
 Published : Apr 26, 2025 05:41 pm IST,  Updated : Apr 26, 2025 05:41 pm IST

दिल्ली के हिंदू कॉलेज में चार नकलची छात्रों को पकड़ा गया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच की जा रही है।

Delhi- India TV Hindi
हिंदू कॉलेज में चार नकलची छात्रों को पकड़ा गया Image Source : PEXELS/REPRESENTATIVE PIC

नई दिल्ली: दिल्ली के हिंदू कॉलेज में एग्जाम के दौरान नकल करने के दौरान चार छात्रों को पकड़ा गया है। आरोपियों में एक लड़की भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कैंडीडेट्स को ब्लूटूथ और मोबाइल के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया था, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला? 

कानून के तहत, आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, कॉलेज में लैब अटेंडेंट की वेकेंसी थी, जिसके लिए एग्जाम हो रहा था। प्रशासन ने पांच बच्चों को पकड़ा था, जिसमें से एक आरोपी वहीं से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। मौरिस नगर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

39 लड़कों और लड़कियों के पास से मोबाइल बरामद

आज भी एग्जाम था, जिसमें 35 लड़के और 4 लड़कियां मोबाइल फोन के साथ एग्जाम सेंटर में पकड़े गए हैं। दिल्ली पुलिस को इसकी जानकारी दी गई है और अब इन्क्वायरी की जा रही है।

नकल करना है गुनाह

परीक्षा के दौरान नकल करना एक अपराध माना जाता है और यह विभिन्न कानूनों, नियमों, और शैक्षणिक संस्थानों की नीतियों के तहत दंडनीय है। हालांकि, नकल को अपराध के रूप में परिभाषित करने और सजा देने का तरीका संदर्भ, संस्थान, और लागू कानूनों पर निर्भर करता है। अगर नकल संगठित रूप से, बड़े पैमाने पर, या पब्लिक परीक्षा में होती है, तो यह अपराध होता है और इसके खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

नकल पर नकेल कसने के लिए भारत सरकार ने भी सख्त नियम बनाए हैं। 2024 में, भारत सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लागू किया। यह कानून पब्लिक परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक, और अन्य अनुचित साधनों को रोकने के लिए बनाया गया है। इसके तहत नकल करने या नकल में सहायता करने वालों को 3 से 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। अगर नकल संगठित अपराध के रूप में की जाती है (जैसे पेपर लीक रैकेट), तो सजा 5 से 7 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। हालांकि यह कानून UPSC, SSC, NEET, JEE, और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं पर लागू होता है।

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