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अब ग्रेजुएशन के बाद भी कर सकते हैं PhD, मास्टर्स जरूरी नहीं; UGC ने लगाई मुहर

 Edited By: Amar Deep
 Published : Apr 21, 2024 09:19 pm IST,  Updated : Apr 21, 2024 09:19 pm IST

पीएचडी या नेट की तैयारी करने वाले छात्रों को अब मास्टर्स करने की जरूरत नहीं होगी। यूजीसी के नए नियमों के अनुसार अब ग्रेजुएशन के बाद भी पीएचडी की जा सकती है। इसके साथ ही ये छात्र नेट की परीक्षा में भी शामिल हो सकते हैं।

ग्रेजुएशन के बाद भी कर सकते हैं PhD।- India TV Hindi
ग्रेजुएशन के बाद भी कर सकते हैं PhD। Image Source : FILE/REPRESENTATIVE IMAGE

नई दिल्ली: नेट की परीक्षा के लिए तैयारी करने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल यूजीसी ने नए नियम पर मुहर लगा दी है। इसके तहत अब चार वर्षीय स्नातक डिग्री वाले छात्र भी सीधे राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में शामिल होने के साथ ही पीएचडी भी कर सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने इस बात की जानकारी दी। 

न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक जरूरी

इसके साथ ही जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के साथ या उसके बिना पीएचडी करने के लिए अभ्यर्थियों को अपने चार साल के स्नातक पाठ्यक्रम में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक या समकक्ष ग्रेड की आवश्यकता होगी। बता दें कि अब तक, नेट में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी को न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर डिग्री की आवश्यकता होती थी। 

चार वर्षीय स्नातक डिग्री अनिवार्य

अधिकारी जानकारी देते हुए यूजीसी के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने बताया कि ‘‘चार साल की स्नातक डिग्री वाले अभ्यर्थी अब सीधे पीएचडी कर सकते हैं और नेट परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। ऐसे उम्मीदवारों को जिस भी विषय में वे पीएचडी करना चाहते हैं, उसमें करने की अनुमति होगी, भले ही उन्होंने किसी भी विषय में चार वर्षीय स्नातक डिग्री प्राप्त की हो।’’ 

आरक्षण का भी मिलेगा लाभ

यूजीसी अध्यक्ष ने कहा कि ‘‘चार साल या आठ सेमेस्टर के स्नातक डिग्री कार्यक्रम में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों के पास कुल मिलाकर न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक या इसके समकक्ष ग्रेड प्राप्त होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि यूजीसी द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णय के अनुसार अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर), दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और कुछ अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए पांच प्रतिशत अंक या इसके समकक्ष ग्रेड की छूट दी जा सकती है। (इनपुट- भाषा) 

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